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क्या आप भी विश्वकर्मा पूजा के दिन करते हैं ये गलतियां? जानें औजारों और मशीनों के पूजन का सही नियम

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:49 AM (IST)

विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी, जो शिल्प और वास्तुकला के देवता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। इस ...और पढ़ें

विश्वकर्मा पूजा नियम (Picture Credits- AI Images)

विश्वकर्मा पूजा नियम (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का अत्यंत महत्व माना जाता है, जो भगवान विश्वकर्मा को समर्पित खास त्योहार है। भगवान विश्वकर्मा जिन्हें शिल्प, वास्तुकला, निर्माण और तकनीकी कौशल से जुड़ा देवता भी कहा जाता है।

विश्वकर्मा जयंती का पर्व मुख्य रूप से कारखाने के कारीगरों, इंजीनियरों, मैकेनिकों, फैक्ट्री कर्मचारियों, बिल्डरों, तकनीशियनों, व्यापारियों और मशीनों के साथ काम करने वाले लोगों के बीच काफी मायने रखता है।

विश्वकर्मा पूजा कब है? 

इस साल भी विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। विश्वकर्मा पूजा के मौके पर लोग अपने औजारों, मशीनों और कार्यस्थल की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान विश्वकर्मा से अपने काम में सफलता, सुरक्षा और तरक्की का आशीर्वाद मांगते हैं।

माना जाता है कि, इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इस खास मौके पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

विश्वकर्मा पूजा पर क्या करें?

विश्वकर्मा पूजा के दिन सबसे पहले व्यक्ति को अपनी दुकान, फैक्ट्री, कारखाने और कार्यस्थल पर इस्तेमाल में आने वाली औजारों और मशीनों को अच्छे से साफ करना चाहिए।

अपने काम से जुड़ी वस्तुओं, मशीनों, औजारों, गाड़ी, मोटरसाइकिल और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

माना जाता है कि, इन वस्तुओं में विश्वकर्मा भगवान का वास होता है। इसलिए पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा को याद करके 'ऊं विश्वकर्मणे नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए।

इस दिन आपके घर में या बाहर काम करने वाले कर्मचारियों, कारीगरों, मिस्त्रियों और मजदूरों का सम्मान करना चाहिए। पूजा संपूर्ण होने के बाद उन्हें श्रद्धा भाव के साथ प्रसाद भेंट करना चाहिए।

विश्वकर्मा जयंती के मौके पर जरूरतमंद लोगों को अनाज, कपड़े और अपनी क्षमता अनुसार जरूरी सामान दान करना चाहिए।

विश्वकर्मा पूजा पर क्या नहीं करें?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, विश्वकर्मा पूजा के दिन कार्यस्थल में काम आने वाली औजारों और मशीनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस दिन मशीनों को आराम दिया जाता है।

इसके अलावा विश्वकर्मा पूजा पर औजारों का अपमान करना या उन्हें इधर-उधर फेंकना भी अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि, इस दिन मशीनों का अपमान करने से व्यक्ति के काम में कई तरह की रुकावटें आ सकती है।

विश्वकर्मा पूजा के दिन तामसिक वस्तुएं जैसे, मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन करने से भी बचना चाहिए। इसके अलावा गलत आचरण और व्यवहार अपनाना भी अशुभ माना जाता है।

माना जाता है कि, विश्वकर्मा जयंती के मौके पर काम से जुड़ी किसी भी तरह की चीजें या वाहनों को बेचने से बचना चाहिए। और सबसे जरूरी बात विश्वकर्मा जयंती के मौके पर कार्यक्षेत्र पर सहयोगियों, कारीगरों और मजदूरों के प्रति सम्मान की भावना अपनानी चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।