शिमला। हिंदी माह के हिसाब से विक्रमी संवत 2070, 11 अप्रैल को आरंभ हो रहा है। यह वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होगा। इस वर्ष का राजा गुरु तथा मंत्री शनि है व संवत का नाम प्राभव है। यह वर्ष मिला-जुला असर देने वाला रहेगा, क्योंकि नव संवतसर छह ग्रहों के योग में काल सर्प के प्रभाव में आरंभ हो रहा है।

संवतसर शुक्र अस्त के समय में आरंभ हो रहा है। इसके प्रभाव से अन्न, धन, हानी तथा राजनीतिक क्षेत्र में असमंजस्य रहेगा। वर्ष के अंत में प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनने के योग हैं। ग्रहों के प्रभाव से वातावरण व मौसम में अनिश्चितता बनी रहेगी, जिससे फलों व अन्य फसलों को हानी होगी। वर्ष के राजा बृहस्पति के प्रभाव से इस वर्ष सोना, केला, केसर, हल्दी, तांबा, लकड़ी के दामों में उछाल जाएगा। शनि के मंत्री होने के प्रभाव से लोहा, शीशा पेट्रोलियम पदार्थो व वाहनों के मूल्य में भी वद्धि हो सकती है। माना जाता है कि सृष्टि का आरंभ भी विक्त्रमी संवत से हुआ था, इसी कारण इसे नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। मर्यादा पुरुष श्रीराम चंद्र का जन्म व राज्याभिषेक भी इसी संवत के आरंभ में हुआ था।

शुभकारक रहेगा यह वर्ष- आचार्य मस्त राम

आचार्य मस्त राम शर्मा के अनुसार संवतसर का राजा वृहस्पति है जिसे देवताओं का गुरु माना गया है। इस कारण यह वर्ष शुभकारक रहेगा। यह वर्ष सिंह लग्न में आरंभ हो रहा है। सिंह लग्न वीरता का प्रतीक है, जिसके प्रभाव से साहसिक कार्य में सफलता मिलेगी व जनक्रांति आएगी। मंत्री शनि के प्रभाव से अनेकों प्रकार के षड्यंत्र प्रभावी हो सकते हैं, जिससे बचने के लिए सावधानी की आवश्यकता है।

ज्योतिषाचार्य कुमारी प्रिया पंडित के अनुसार प्राभव नामक विक्रमी संवत 2070 राजा गुरु व मंत्री शनिहै तथा वर्ष के अनेकों दुष्प्रभाव रहेंगे। वर्ष के मंत्री शनि हैं, जिन्हें न्याय का देवता कहा गया है।

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