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3 साल में एक बार आती है विभुवन संकष्टी चतुर्थी, 1 गलती से रुठ जाएंगे गणपति बाप्पा

Published: Sun, 31 May 2026 04:05 PM (IST)

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 3 जून को मनाई जाएगी, जो तीन साल में एक बार आती है। इस दिन भगवान गणेश ...और पढ़ें

विभुवन संकष्टी चतुर्थी के नियम (Image Source: AI-Generated)

विभुवन संकष्टी चतुर्थी के नियम (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विभुवन संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार अधिक मास में विभुवन संकष्टी चतुर्थी 3 जून को मनाई जाएगी। संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणपति बप्पा की साधना करने से काम में आ रही बाधा दूर होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन कुछ गलतियों को करने से गणपति बप्पा नाराज हो सकते हैं और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि संकष्टी चतुर्थी के दिन किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

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(Image Source: AI-Generated)

1. गणेश जी को तुलसी अर्पित न करें- सनातन शास्त्रों के मुताबिक, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्तों को शामिल नहीं करना चाहिए।माता तुलसी ने गणेश जी को श्राप दिया था। इसलिए भगवान गणेश को तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए। पूजा के दौरान प्रभु को प्रिय दूर्वा जरूर अर्पित करें।

2. जरूर करें चंद्र दर्शन- संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए। रात को चंद्रोदय होने पर दूध और जल से अर्घ्य दें। इसके बाद ही व्रत व्रत खोलें। ऐसा माना जाता है कि व्रत के दौरान चंद्र दर्शन न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।

3. तामसिक भोजन का सेवन न करें- संकष्टी चतुर्थी के दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन न करें। इस दिन सात्विक और शुद्ध भोजन का ही सेवन करना चाहिए।

4. क्रोध करना या बड़ों का अपमान करना- संकष्टी चतुर्थी के दिन किसी से विवाद न करें। साथ ही बुजुर्गों का अपमान न करें। ऐसा माना जाता है कि इस गलती को करने से पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और भगवान गणेश नाराज हो सकते हैं।

5. धारण न करें काले कपड़े- संकष्टी चतुर्थी के दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।