विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कब मनाई जाएगी वैशाख की मासिक दुर्गाष्टमी, पूजा में मां दुर्गा को चढ़ाएं ये एक प्रिय चीज

Published: Tue, 07 Apr 2026 05:30 PM (IST)

हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत शक्ति की उपासना का महापर्व माना जाता है। चलिए जानते हैं कि वैशाख में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कब किया जाएगा।

कब है वैशाख माह की मासिक दुर्गाष्टमी? (Picture Credit: Freepik)

कब है वैशाख माह की मासिक दुर्गाष्टमी? (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. हर माह में किया जाता है मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत

  2. मां दुर्गा की पूजा से मिलती है सुख-समृद्धि

  3. पूजा में मां दुर्गा को अर्पित करें सोलह शृंगार

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने में आने वाली शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन पर अगर आप पूरे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं, तो इससे पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन में चल रही समस्याओं का समाधान होता है। चलिए जानते हैं इस दिन का महत्व और पूजा विधि।

इस दिन मनाई जाएगी मासिक दुर्गाष्टमी

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 23 अप्रैल को रात 8 बजकर 49 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 24 अप्रैल को रात 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत शुक्रवार 24 अप्रैल को किया जाएगा।

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें और माता रानी का स्मरण करें।
  • इस दिन लाल वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि यह रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है।
  • पूजा स्थल की साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें और पूरे घर में भी गंगाजल का छिड़काव करें।
  • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • देवी मां को जल अर्पित करने के बाद उन्हें लाल चुनरी और सोलह शृंगार की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ी, बिंदी आदि चढ़ाएं।
  • मां को भोग के रूप में हलवा, पूरी, चने, खीर, केला या शहद आदि अर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा के मंत्रों का जप करें।
  • अंत में कपूर जलाकर आरती करें।
Masik Durgashtami i
(Picture Credit- AI Generated)

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • यदि संभव हो, तो मासिक दुर्गाष्टमी के विशेष अवसर पर आप दिनभर अखंड ज्योति जला सकते हैं।
  • मां दुर्गा उसी स्थान पर वास करती हैं, जहां शांति और प्रेम बना रहता है। ऐसे में घर में शांति का माहौल बनाए रखें।
  • मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मांस-मदिरा के सेवन से दूर रहें।
  • पूजा में भूल से भी काले रंग के कपड़े न पहनें।
  • पूजा के अंत में अनजाने में हुई गलतियों के लिए मां दुर्गा से क्षमा याचना जरूर करें।
Masik Durgashtami ai (1)
(Picture Credit- AI Generated)

मां दुर्गा के मंत्र

1. दुर्गा बीज मंत्र - ॐ दुं दुर्गायै नमः।

2. दुर्गा नवार्ण मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

3. दुर्गा गायत्री मंत्र - ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥

4. दुर्गा अष्टाक्षर मंत्र - ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः।

5. दुर्गा ध्यान मंत्र -

ॐ जटा-जूट-समायुक्तमर्धेन्दु-कृत-लक्षणाम्।
लोचनत्रय-संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं मां दुर्गा को कैसे प्राप्त हुआ सुदर्शन चक्र? पढ़ें महिषासुर वध से जुड़ी है ये कथा

यह भी पढ़ें- कब से शुरू हो रहा महादेव का प्रिय महीना सावन? तुरंत नोट करें सोमवार और मंगला गौरी व्रत की तारीखें

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा अंधविश्वास के खिलाफ है।