तुलसी में लाल धागा या कलावा क्यों बांधते हैं? किस दिन और कैसे बांधें यहां पढ़ें
तुलसी के पौधे में लाल धागा (कलावा) कब और कैसे बांधें? जानिए इसके धार्मिक नियम, शुभ दिन और सही तरीका।

मां लक्ष्मी की कृपा के लिए तुलसी में बांधें लाल धागा (AI-Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर के आंगन या बालकनी में रखा तुलसी का पौधा सिर्फ हरियाली का प्रतीक नहीं है। तुलसी को लंबे समय से पूजनीय माना जाता है। हर तीज त्योहार पर तुलसी को पूजने का विधान है। पद्म पुराण में भी तुलसी की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है और इसे भगवान विष्णु को प्रिय बताया गया है। इसलिए विष्णु जी की हर पूजा में तुलसी को जरूर शामिल किया जाता है वरना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।
इसी वजह से तुलसी की पूजा से जुड़ी कई परंपराएं आज भी घरों में निभाई जाती हैं। कुछ लोग तुलसी के तने पर लाल धागा या कलावा बांधते हैं। इसे मुख्य रूप से धार्मिक लोक-परंपरा और मान्यता के तौर पर देखा जाता है।
लाल धागा बांधने का नियम क्यों हैं?
धार्मिक मान्यता में लाल रंग को शुभता, शक्ति और मंगल का प्रतीक माना जाता है। तुलसी को भगवान विष्णु से जुड़ा पौधा माना जाता है, इसलिए इसकी पूजा के दौरान कलावा अर्पित करने को भी शुभ माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी में लाल धागा बांधने से घर में सुख-शांति और पॉजिटिविटी बनी रहती है। आर्थिक परेशानियां दूर होने और मां लक्ष्मी की कृपा मिलने की भी मान्यता है।
कौन सा दिन माना जाता है शुभ?
गुरुवार और शुक्रवार को तुलसी में कलावा बांधने के लिए शुभ बताया जाता है। गुरुवार भगवान विष्णु से जुड़ा दिन माना जाता है, जबकि शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा से जोड़ा जाता है। इसके अलावा, कुछ परंपराओं में विशेष तिथियों पर भी तुलसी को कलावा अर्पित करने का उल्लेख मिलता है। इसलिए अगर आप यह परंपरा निभाना चाहते हैं तो इन दो दिनों पर सुबह स्नान के बाद तुलसी की पूजा करके कलावा अर्पित कर सकते हैं।
कैसे बांधें लाल धागा?
- सबसे पहले तुलसी के आस-पास की जगह को साफ करें।
- स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और तुलसी के सामने दीपक जलाएं।
- पौधे पर थोड़ा जल अर्पित करने के बाद लाल कलावे को तने पर बहुत हल्के हाथ से बांधें।
- धागा इतना कसकर न बांधें कि तने पर दबाव पड़े।
- पौधा जीवित है, इसलिए धार्मिक परंपरा निभाते समय उसकी देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- धागा बांधते समय भगवान विष्णु या तुलसी माता का स्मरण कर सकते हैं।
- अपनी श्रद्धा के अनुसार 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करना भी शुभ है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
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