हाथी, घोड़ा, नाव या पालकी! हर साल क्यों बदलती है माता की सवारी, इस बार क्या होगा मां दुर्गा का वाहन?
शारदीय नवरात्र 2026 में माता दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो समृद्धि और अच्छी वर्षा का शुभ संकेत है। ...और पढ़ें

शारदीय नवरात्र 2026: माता दुर्गा की सवारी हाथी क्यों है शुभ और इसका क्या है महत्व (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
शारदीय नवरात्र 2026 में माता दुर्गा हाथी पर आएंगी।
हाथी पर आगमन समृद्धि, अच्छी वर्षा और उन्नति का प्रतीक है।
देवी पुराण के श्लोक से माता के वाहन का निर्धारण होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के सभी पर्वों में से एक है नवरात्र जो साल में 4 बार होती है, लेकिन इनमें से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है अश्विन महीने की शारदीय नवरात्र।
हर साल नवरात्र में सबसे ज्यादा मन में एक ही सवाल आता है कि इस साल माता का आगमन किस वाहन में होगा? वैसे तो माता की सवारी शेर है, फिर आगमन अलग-अलग वाहन में क्यों होता है? अगर हम पारंपरिक नियमों की मानें तो नवरात्र जिस दिन शुरू होती है, उसी दिन में अनुसार माता की सवारी भी तय होती है।
इस साल शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार के दिन हो रहा है, इसलिए इस साल माता हाथी में सवार होकर आएंगी। यही नहीं नवरात्र जिस दिन समाप्त होगी उस दिन के अनुसार माता के वापस लौटने की सवारी भी तय हो जाएगी। आइए आपको बताते हैं हर साल माता दुर्गा के आगमन की सवारी कैसे निर्धारित होती है?
माता दुर्गा के आगमन की सवारी
माता दुर्गा हमेशा शेर पर सवार रहती हैं, लेकिन किसी भी नवरात्र के दौरान ऐसा माना जाता है कि वो साल और दिन के हिसाब से अलग-अलग सवारियों पर आएंगी। उनके हर वाहन का अपना खास मतलब होता है और इस साल हाथी पर माता का आगमन और घोड़े पर उनके वापस जाना भी एक खास संकेत दे रहा है। को इन्हीं खास मतलबों का प्रतीक माना जाता है।
शारदीय नवरात्र 2026 माता दुर्गा का हाथी पर आगमन
हाथी को पारंपरिक रूप से बहुत शुभ पशु माना जाता है। हिंदू मान्यताओं में, यह स्थिरता, शक्ति, धैर्य और समृद्धि का प्रतीक है। जब कभी भी माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो इसे आमतौर पर आने वाले समय के लिए एक अच्छा संकेत माना जाता है।
यह भविष्य में देश के लिए उन्नति का संकेत हो सकता है, अच्छी बारिश और अच्छी फसल का संकेत हो सकता है और मुख्य रूप से यह पूरी तरह से समृद्धि के बारे में बताता है। चूंकि इस साल माता हाथी पर आ रही हैं, तो समझें कि आगे का समय बहुत अच्छा हो सकता है।
कैसे तय होता है नवरात्र में माता दुर्गा का वाहन?
देवी पुराण में श्लोक है जिसमें यह बताया गया है कि हर साल नवरात्र पर माता दुर्गा का वाहन कैसे तय किया जाता है? वह श्लोक है-
शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।
गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥
श्लोक का अर्थ- रविवार और सोमवार को माता दुर्गा हाथी पर आती हैं, शनि और मंगलवार को घोड़े पर माता का आगमन होता है। बुधवार को माता नौका पर आती हैं।
गुरुवार और शुक्रवार को डोली या पालकी पर माता का आगमन होता है। यही श्लोक बताता है कि हर साल दिन के अनुसार माता दुर्गा के आगमन की सवारी क्या होगी? इसी के अनुसार साल 2026 में शारदीय नवरात्र रविवार से आरंभ हो रही है और माता इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही हैं।
गजेश जलदा देवी क्षत्रभंग तुरंगमे।
नौकायां कार्यसिद्धिस्यात् दोलायों मरणधु्रवम्॥
इसका मतलब यह है कि- मां दुर्गा हाथी पर जब आती हैं, तो आने वाले समय में अच्छी वर्षा होती है, माता के घोड़े पर सवार होकर आने से राजाओं में युद्ध होता है। नाव से आने का मतलब सभी कार्यों में सिद्धि मिलने से होता है और जब माता का आगमन पालकी पर होता है तब उस साल कई लोगों की अकाल मृत्यु हो सकती है।
शारदीय नवरात्र में माता दुर्गा का आगमन हाथी से हो रहा है, इसलिए आने वाला समय अच्छा माना जा रहा है और यह एक शुभ संकेत है।
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