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शनि की साढ़ेसाती में इन बातों का रखें ध्यान, क्या करें और किन गलतियों से बचें?

Published: Tue, 18 Aug 2026 04:30 PM (IST)

शनि की साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे बचने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए।

शनि की साढ़ेसाती: शुभ फल पाने के लिए उपाय (Picture Credit: AI Generated)

शनि की साढ़ेसाती: शुभ फल पाने के लिए उपाय (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. अनुशासन बनाए रखें और बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें।

  2. प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में दीपक जलाएं, चालीसा पढ़ें।

  3. जरूरतमंदों को न सताएं, आलस्य व मांस-मदिरा से बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि की साढ़े साती किसी भी व्यक्ति के जीवन में आने वाला वह समय होता है जब शनि ग्रह किसी जन्म कुंडली में उसकी चंद्र राशि से पहले, दूसरे और बारहवें भाव से होकर गुजरता है।

ज्योतिष के अनुसार, इन भावों से शनि का गोचर जब एक राशि से दूसरी राशि में होता है तब व्यक्ति के जीवन में कुछ चुनौतियां, रुकावटें और मुश्किलें आ सकती हैं। यह समय हर राशि में साढ़े सात साल के लिए आता है, इसलिए इसे शनि की साढ़ेसाती के नाम से जाना जाता है।

हालांकि, शनि की साढ़ेसाती का असर इस बात पर निर्भर करता है कि जन्म कुंडली में शनि की स्थिति और दृष्टि कैसी है और इसके साथ आपके ग्रहों की स्थिति कैसी है।

साढ़े सात साल के इस समय में हर व्यक्ति को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए और कुछ गलतियों से बचना चाहिए, जिससे इसका आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव न हो सके। आइए आपको बताते हैं कि अगर आपकी राशि में भी शनि की साढ़ेसाती है तो आपको क्या करना चाहिए।

शनि की साढ़ेसाती में क्या करें

इस समेत साल 2026 में मेष राशि का साढ़ेसाती का पहला चरण, कुंभ का आखिरी और मीन राशि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है और इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें इसके बारे में-

अनुशासन बनाए रखें

अगर आप साढ़ेसाती की पूरी अवधि में कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए जीवन में अनुशासन बनाए रखेंगे तो आपको इसके प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। इस दौरान आप जल्दी उठें और अपने काम सही समय पर करें। शनिदेव को अनुशासित जीवन पसंद है, इसलिए इस नियम का पालन करके शनि के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

बड़ों का सम्मान करें

अगर आप शनि की साढ़ेसाती के दौरान बड़े बुजुर्गों का सम्मान करते हैं तो आपके जीवन की कई समस्याएं कम हो सकती हैं। भूलकर भी इस दौरान किसी बुजुर्ग को न सताएं।

शनि मंदिर में दीपक जलाएं

अगर आपकी राशि में शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो आपको प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। साथ ही, आप शनि चालीसा का पाठ करें। इससे साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।

शनि की साढ़ेसाती में क्या न करें

अगर आपकी राशि में शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो आपको कुछ कामों से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानें आपको इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए।

किसी जरूरतमंद को न सताएं

अगर आपके जीवन में शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो आपको भूलकर भी किसी जरूरतमंद को नहीं सताना चाहिए। इस दौरान आप जरूरतमंद की जितनी मदद कर सकें उतना अच्छा है।

आलस्य न करें

अगर आप किसी भी काम में आलस्य करेंगे तो शनिदेव नाराज हो सकते हैं और साढ़ेसाती का बुरा प्रभाव आपके जीवन में दिखाई देने लगता है। इस दौरान आप किसी भी तरह का आलस्य न करें।

मांस-मदिरा का सेवन न करें

शनि की साढ़ेसाती के दौरान आपको भूलकर भी मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव दिखाई देते हैं और इसके जीवन में नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं।

अगर आपकी राशि में भी शनि साढ़ेसाती चल रही है तो यहां बताई गई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।