साल में तीन सूर्य ग्रहण 

इस साल तीन बार सूर्यग्रहण लगेगा। इनमें से पहला था 15 फरवरी को पड़ चुका सूर्य ग्रहण जो आंशिक था। भारत में इनमें से किसी सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इसके बाद दूसरा सूर्य ग्रहण 13 जुलाई को पड़ रहा है और तीसरा 11 अगस्त को होगा। तीनों ग्रहण आंशिक होने के कारण भारत में नहीं दिखेंगे। इन्हें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण और पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर आैर  अंटार्कटिका में देखा जा सकता है। हांलाकि सूर्य एक शक्तिशाली ग्रह होने के साथ इस संवत्सर का राजा भी है अत: इसका संजीव आैर निर्जीव सभी पर कुछ ना कुछ असर जरूर होगा। 13 जुलाई का सूर्य ग्रहण पुनर्वसु नक्षत्र और हर्षण योग में पड़ रहा है।। हालांकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन पंडित जी के अनुसार ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लग जायेगा और इस दौरान कुछ कार्य करना वर्जित है। जैसे सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। 

इस दिन अमावस्या भी है

13 जुलाई को ही आषाढ़ अमावस्या भी है। वैसे तो अमावस्या 12 जुलार्इ से ही लग जायेगी आैर 13 को सुबह 8:17 मिनट तक रहेगी। परंतु उदिया तिथि में होने के कारण इसकी पूजा अनुष्ठान इसी दिन होगे। आषाढ़ अमावस्या पर पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध की रस्में की जाती हैं, आैर पितृों की आत्मा की शांति के लिए दान और गंगा स्नान किया जाता है। इस दिन पितृों की आत्मा की शांति के लिए दान आदि करना शुभ माना जाता है। इस दिन लाल वस्तुओं जैसे गुड़, लाल मसूर की दाल, गेहूं, लाल वस्त्र और दक्षिणा का ग्रहण के पश्चात स्नान करके दान करें। अमावस्या पर पितृों के नाम से आटा, चावल, उड़द की दाल आदि का भी दान मंदिर में दे सकते हैं। 

ग्रहण की अवधि आैर पूजन 

13 जुलाई को ये सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजकर 18 मिनट 23 सेकंड से शुरू होगा, आैर 8 बजकर 13 मिनट 5 सेकंड तक रहेगा। इस दौरान आेम सूर्याय नम: का जाप करते हुए सूर्य को जल में लाल चंदन, रोली, लाल फूल से अ‌र्घ्य दें। साधनाकाल में आदित्य हृदयी स्रोत और गीता के 18वें अध्याय का पाठ भी किया जाता है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं विशेष ख्याल रखें। इस दौरान वे भगवान का भजन करें आैर किसी भी नुकीली वस्तु और धातु का प्रयोग करने से बचें। 

Posted By: Molly Seth