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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dhanda Laxmi Stotra: मां लक्ष्मी की पूजा के समय करें इस स्तोत्र का पाठ, पैसों की तंगी होगी दूर

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Thu, 30 Jan 2025 01:45 PM (IST)

सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन धन की देवी ...और पढ़ें

Dhanda Laxmi Stotra: धन की देवी मां लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें?
Dhanda Laxmi Stotra: धन की देवी मां लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. मां लक्ष्मी को शुक्रवार का दिन बेहद प्रिय है।
  2. इस दिन मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।
  3. मां लक्ष्मी की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 31 जनवरी को वैभव लक्ष्मी व्रत है। इस शुभ अवसर पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। साथ ही वैभव लक्ष्मी व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मत है कि मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन की समस्या दूर होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अतः साधक श्रद्धा भाव से धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

ज्योतिषियों की मानें तो माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। शिववास और वरीयान योग में मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुखों में वृद्धि होगी। अगर आप भी धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो वैभव लक्ष्मी व्रत पर स्नान-ध्यान कर विधि पूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय धनदा लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें। इस स्तोत्र के पाठ से आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।

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धनदा लक्ष्मी स्तोत्र (Dhanadalakshmi Stotram)

॥ धनदा उवाच ॥

देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम्।

कृपया पार्वती प्राह शंकरं करुणाकरम्॥1॥

॥ देव्युवाच ॥

ब्रूहि वल्लभ साधूनां दरिद्राणां कुटुम्बिनाम्।

दरिद्र दलनोपायमंजसैव धनप्रदम्॥

॥ शिव उवाच ॥

पूजयन् पार्वतीवाक्यमिदमाह महेश्वरः।

उचितं जगदम्बासि तव भूतानुकम्पया॥

स सीतं सानुजं रामं सांजनेयं सहानुगम्।

प्रणम्य परमानन्दं वक्ष्येऽहं स्तोत्रमुत्तमम्॥

धनदं श्रद्धानानां सद्यः सुलभकारकम्।

योगक्षेमकरं सत्यं सत्यमेव वचो मम॥

पठंतः पाठयंतोऽपि ब्रह्मणैरास्तिकोत्तमैः।

धनलाभो भवेदाशु नाशमेति दरिद्रता॥

भूभवांशभवां भूत्यै भक्तिकल्पलतां शुभाम्।

प्रार्थयत्तां यथाकामं कामधेनुस्वरूपिणीम्॥

धनदे धनदे देवि दानशीले दयाकरे।

त्वं प्रसीद महेशानि! यदर्थं प्रार्थयाम्यहम्॥

धराऽमरप्रिये पुण्ये धन्ये धनदपूजिते।

सुधनं र्धामिके देहि यजमानाय सत्वरम्॥

रम्ये रुद्रप्रिये रूपे रामरूपे रतिप्रिये।

शिखीसखमनोमूर्त्ते प्रसीद प्रणते मयि॥

आरक्त-चरणाम्भोजे सिद्धि-सर्वार्थदायिके।

दिव्याम्बरधरे दिव्ये दिव्यमाल्यानुशोभिते॥

समस्तगुणसम्पन्ने सर्वलक्षणलक्षिते।

शरच्चन्द्रमुखे नीले नील नीरज लोचने॥

चंचरीक चमू चारु श्रीहार कुटिलालके।

मत्ते भगवती मातः कलकण्ठरवामृते॥

हासाऽवलोकनैर्दिव्यैर्भक्तचिन्तापहारिके।

रूप लावण्य तारूण्य कारूण्य गुणभाजने॥

क्वणत्कंकणमंजीरे लसल्लीलाकराम्बुजे।

रुद्रप्रकाशिते तत्त्वे धर्माधरे धरालये॥

प्रयच्छ यजमानाय धनं धर्मेकसाधनम्।

मातस्त्वं मेऽविलम्बेन दिशस्व जगदम्बिके॥

कृपया करुरागारे प्रार्थितं कुरु मे शुभे।

वसुधे वसुधारूपे वसु वासव वन्दिते॥

धनदे यजमानाय वरदे वरदा भव।

ब्रह्मण्यैर्ब्राह्मणैः पूज्ये पार्वतीशिवशंकरे॥

स्तोत्रं दरिद्रताव्याधिशमनं सुधनप्रदम्।

श्रीकरे शंकरे श्रीदे प्रसीद मयिकिंकरे॥

पार्वतीशप्रसादेन सुरेश किंकरेरितम्।

श्रद्धया ये पठिष्यन्ति पाठयिष्यन्ति भक्तितः॥

सहस्रमयुतं लक्षं धनलाभो भवेद् ध्रुवम्

धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च।

भवन्तु त्वत्प्रसादान्मे धन-धान्यादिसम्पदः॥

धनदा लक्ष्मी स्तोत्र के लाभ 

धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आती है। ज्योतिष भी धन की समस्या दूर करने के लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने की सलाह देते हैं। अतः साधक शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा एवं उपासना करते हैं। साथ ही शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी व्रत रखते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।