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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के दिन बहनें जरूर करें ये काम, जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Published: Tue, 22 Jul 2025 01:10 PM (IST)Updated: Sat, 09 Aug 2025 02:39 PM (IST)

इस साल रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025) आज यानी 9 अगस्त को मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन के दिन अगर आप ...और पढ़ें

Raksha Bandhan 2025 ke upay in hindi
Raksha Bandhan 2025 ke upay in hindi

HighLights

  1. सावन पूर्णिमा पर मनाया जाता है रक्षाबंधन।
  2. भाई-बहन के प्रेम को दर्शाता है यह त्योहार।
  3. भाई की सुरक्षा की कामना के साथ बांधी जाती है राखी।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में रक्षाबंधन का खास महत्व है। रक्षाबंधन का पर्व (Raksha Bandhan 2025) हिंदू धर्म में एक मुख्य पर्वों में से एक है। पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन पर बहनें अपनी भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं। 

सावन पूर्णिमा की शुरुआत 08 अगस्त को दोपहर 04 बजकर 12 मिनट पर हुई है। वहीं इस तिथि का समापन 09 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 24 मिनट पर होने जा रहा है। उदया तिथि को देखते हुए रक्षाबंधन का पर्व शनिवार आज यानी 09 अगस्त को मनाया जा रहा है।

जरूर करें ये काम

कई लोग इस दिन पर अपने आराध्य देव को सबसे पहले राखी बांधते हैं और इसके बाद दूसरों को राखी बांधी जाती है। इस दिन पर मां लक्ष्मी की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करें और देवी को खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।

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बोलें ये मंत्र

रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने समय इस मंत्र का जप जरूर करें और भाई की रक्षा की कामना करें। ऐसा करने से भाई-बहन का रिश्ता और भी मजबूत होता है -

ऊँ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।