प्रेमानंद जी महाराज ने बताए राधा रानी के 28 नाम, इनके जप से पूरी होती है हर मनोकामना
प्रेमानंद जी महाराज ने राधा रानी के 28 नामों का महत्व बताया है, जिनके जप से सभी मनोकामनाएं पूरी होती ...और पढ़ें

राधा रानी के नाम जप से पूरी होती है हर मनोकामना (Picture Credit: AI Generated)
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राधा रानी के 28 नाम जप से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
प्रेमानंद जी ने इन नामों के आध्यात्मिक लाभ बताए हैं।
राधा नाम जप से बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष मिलता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। राधा रानी को हमेशा से ही श्री कृष्ण के साथ पूजा जाता है और उनके नाम के जाप से बहुत लाभ होता है। प्रेमानंद जी बताते हैं कि श्री कृष्ण के द्वारा भी इनकी आराधना होती इसलिए इन्हें श्री राधा जी कहा जाता है। राधा रानी कृष्ण के अंश से ही प्रकट हुई हैं। एक प्राण एक मन और दो तन हैं।
यही नहीं उनकी एक रुचि और एक स्वभाव भी है ऐसे में यदि आप राधा जी का नाम जप करें, तो अपने आप भी आपके ऊपर कान्हा जी की कृपा भी बनी रहती है। प्रेमानंद जी के अनुसार जो भी भक्त राधा रानी के 28 नामों का जाप करता है उसकी बड़ी से बड़ी मनोकामना भी पल भर में पूरी हो जाती है।
राधा रानी के भक्त उनकी कृपा पाने के लिए घंटों उनका जाप करते हैं आपको उनके इन नामों का जाप करना चाहिए जिससे जीवन में समृद्धि बनी रहे।
राधा रानी के 28 नाम
राधा रानी के नामों का बखान करते हुए प्रेमानंद जी महाराज एक श्लोक का उच्चारण करते हैं जिसमें उनके 28 नाम बताए गए हैं-
राधा रासेश्वरी रम्या कृष्णमन्त्राधिदेवता ।सर्वाद्या सर्ववन्द्या च वृन्दावनविहारिणी ॥वृन्दाराध्या रमाशेषगोपीमण्डलपूजिता ।सत्या सत्यपरा सत्यभामा श्रीकृष्णवल्लभा ॥वृषभानुसुता गोपी मूलप्रकृतिरीश्वरी ।गान्धर्वा राधिकाऽऽरम्या रुक्मिणी परमेश्वरी ॥परात्परतरा पूर्णा पूर्णचन्द्रनिभानना ।भुक्तिमुक्तिप्रदा नित्यं भवव्याधिविनाशिनी ॥
- राधा
- रासेश्वरी
- रम्या
- कृष्णमन्त्राधिदेवता
- सर्वाद्या
- सर्ववन्द्या
- वृन्दावनविहारिणी
- वृन्दाराध्या
- रमा
- अशेषगोपीमण्डलपूजिता
- सत्या
- सत्यपरा
- सत्यभामा
- श्रीकृष्णवल्लभा
- वृषभानुसुता
- गोपी
- मूलप्रकृति
- ईश्वरी
- गान्धर्वा
- राधिका
- आरम्या
- रुक्मिणी
- परमेश्वरी
- परात्परतरा
- पूर्णा
- पूर्णचन्द्रनिभानना
- भुक्तिमुक्तिप्रदा
- भवव्याधिविनाशिनी
राधा रानी के 28 नामों का जप करने के फायदे
प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि राधा रानी के ये 28 नाम अद्भुत हैं और जो भी इनका पाठ करता है चाहे लौकिक कामना से या फिर पारलौकिक कामना के साथ बहुत जल्दी उसको परिणाम दिखाई देता है।
राधा रानी के नामों का श्लोक श्री राधिका उपनिषद में विस्तार से मिलता है। इन नामों के जाप से भक्त के लिए मोक्ष का द्वार मिलता है। हर बाधा से बाहर आने में मदद मिलती है और जो इनका पाठ करता है वह जीवन मुक्त महापुरुष हो जाता है।
इन सभी 28 नाम मात्र जपने से समस्त कामनाओं की पूर्ति होती है। इसके नामों को जपने और सुनने से जितने दोष हैं सभी नष्ट हो जाते हैं।
28 नामों का जाप करने वाले के सतोगुण रजोगुण तमोगुण माया जनित बंधन का जो क्लेश है वो नष्ट हो जाता है। अगर आप इन नामों का जाप न भी कर पाएं तो आपको राधा-राधा नाम का ही जाप करते रहना चाहिए, यह सभी समस्याओं का एक मात्र हल है और जीवन के बंधनों से बाहर निकलकर भक्ति में लीन होने का माध्यम है।
इस प्रकार प्रेमानंद जी बताते हैं कि श्री किशोरी जी का नाम भक्तों को अवश्य जपना चाहिए क्योंकि राधा नाम जप के बिना श्री कृष्ण की भक्ति को पाना भी मुश्किल है।
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