विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Radha Ashtami 2026: गायों के अलावा किन पालतू जानवरों से था राधा रानी का विशेष लगाव? पढ़ें पूरी कथा

Published: Fri, 18 Sep 2026 01:54 PM (IST)

राधा रानी का प्रेम केवल श्रीकृष्ण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वे ब्रज के पशु-पक्षियों से भी गहरा लगाव रखती थीं। उनके पास कई पालतू जानवर थे

श्री राधा रानी के पालतू जानवर

श्री राधा रानी के पालतू जानवर

HighLights

  1. राधा रानी के पालतू जानवरों में गाय, बंदर, तोते प्रमुख थे।

  2. उनकी प्रिय गायों में बहुला, सुनदा और यमुना प्रमुख थीं।

  3. शुभाशुभा तोता, कक्खती बंदर, रंगिनी हिरणी उनके खास पालतू थे।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2026) सिर्फ एक पवित्र तिथि ही नहीं, बल्कि उस दिव्य प्रेम को महसूस करने का भी दिन है जो सदियों बाद भी अत्यंत श्रद्धा-भाव के साथ मनाई जाती है।

इस साल राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2026) का पर्व 19 सितंबर 2026, शनिवार के दिन मनाया जाएगा। राधा रानी और उनके प्रिय जानवरों का वर्णन गौड़ीय वैष्णव ग्रंथों, नारद पंचरात्र और पद्म पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों में देखने को मिलता है।

राधा रानी का प्रेम सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ब्रज क्षेत्र के तमाम चहकते पक्षियों और जंगलों में घूमते जानवरों के प्रति भी उनकी प्रेम भावना झलकती थी। माना जाता है कि, राधा रानी के पास कुछ पालतू जीव भी थे, जिनसे उनका लगाव परिवार के सदस्य की तरह था। आइए जानते हैं 'श्रीजी'के पालतू जानवरों के बारे में।

राधा रानी के पालतू जानवरों के नाम

श्रीमती राधा रानी के पास गाय, बंदर, हिरणी, तोतें, हंस, हथिनी समेत कई पालतू जानवर थे।

शुभा
शुभा श्रीजी का पालतू तोता है।

तुंगी
तुंगी श्रीमती राधारानी का मोटा पालतू बछड़ा है।

कक्खती
कक्खती श्री राधा रानी का पालतू बंदर है।

बहुला
बहुला श्रीराधा रानी का पालतू सुरभि गायों में से एक है। यह देवी दुर्गा का एक अन्य नाम भी है।

रंगिनी
राधा रानी की पालतू हिरणी

सूक्ष्मधी
सूक्ष्मधी राधारानी के पालतू तोतों में से एक है।

सुनदा
सुनदा राधा रानी की ही एक प्रिय गाय है।

माधुरी
श्रीजी की पालतू हथिनी में से एक है।

यमुना
यमुना श्रीराधा रानी की प्रिय गाय है।

श्रीजी के पास सुरभि गायें भी हैं, जिनमें सुनदा, यमुना और बहुला सबसे खास हैं। इसके साथ ही उनका गोल-मटोल पालतू बछड़ा तुंगी भी राधारानी को काफी प्रिय है।

कक्खती उनका पुराना पालतू बंदर है, जबकि पालतू हिरण का नाम रंगिनी और चारुचनद्रिका उनकी पालतू चकोरी चिड़िया है। राधारानी के पालतू हंस का नाम तुंडीकेरी है, जिसे राधाकुंड में तैरना काफी अच्छा लगता है। उनके दोनों तोते चुटकुलों की हूबहू नकल करने में माहिर हैं।

यह भी पढ़ें- श्रीराधा अष्टमी 2026: किशोरी जी के चरणों में छिपे हैं ये 19 दिव्य चिह्न, श्रीकृष्ण भी करते हैं इनकी सेवा!

यह भी पढ़ें- Radha Ashtami 2026: सोने सा रूप और हिरणी सी आंखें... राधाष्टमी पर जानिए कैसी दिखती हैं हमारी श्रीराधा रानी!

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।