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गरुड़ पुराण का रहस्य: पितृ पक्ष में रोज सुबह मुख्य द्वार पर करें यह 1 उपाय, पूर्वजों की नाराजगी होगी दूर

Published: Tue, 22 Sep 2026 01:49 PM (IST)

गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृ पक्ष में मुख्य द्वार पर जल छिड़कना पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के ...और पढ़ें

पितृ पक्ष में मुख्य द्वार पर जल छिड़कने से पूर्वज होते हैं प्रसन्न (Picture Credt: AI Generated)

पितृ पक्ष में मुख्य द्वार पर जल छिड़कने से पूर्वज होते हैं प्रसन्न (Picture Credt: AI Generated)

HighLights

  1. गरुड़ पुराण के अनुसार पितृ पक्ष में जल छिड़कना शुभ।

  2. मुख्य द्वार पर पानी से पूर्वजों की आत्मा को शांति।

  3. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती, घर को सुरक्षा कवच मिलता।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पितृ पक्ष के सोलह दिन का समय हमारे पूर्वजों को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान पूर्वज पृथ्वी पर विचरण करते हैं और वंशजों के माध्यम से अन्न और जल ग्रहण करते हैं। इन दिनों में लोग अपने रूठे पूर्वजों को किसी न किसी उपाय से मनाने के कोशिश करते हैं।

इस समय पूर्वजों को जल देना और उनके नाम से भोजन निकालना एक प्रमुख कार्य माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पूर्वज किसी न किसी रूप में आकर अन्न और जल ग्रहण करते हैं।

श्राद्ध कर्म ठीक से करने पर पितरों की कृपा बनी रहती है और उन्हें तर्पण और जल भी स्वीकार्य होता है। गरुण पुराण में पूर्वजों के लिए किए जाने वाले कई कर्मों का उल्लेख है और इनमें से एक है पितृ पक्ष के दिनों में मुख्य द्वार पर जल छिड़कना। आइए आपको बताते हैं इसके क्या लाभ हो सकते हैं और इससे पूर्वज प्रसन्न क्यों होते हैं।

पितृ पक्ष में मुख्य द्वार पर पानी छिड़कने से क्या होता है?

अगर आप पितृ पक्ष के सभी नियमों का पालन करते हुए नियमित रूप से मुख्य द्वार पर थोड़ा जल छिड़कते हैं, तो यह पूर्वजों की तृप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। गरुड़ पुराण के तीसरे अध्याय में बताया गया है कि अगर घर में परिंडे के स्थान यानी कि मटके से लेकर थोड़ा सा जल आप घर के मुख्य दरवाजे पर नियमित छिड़कते हैं, तो इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

घर में परिंडे का स्थान पूर्वजों का माना जाता है और इस स्थान से लिया गया जल जब मुख्य द्वार पर डाला जाता है तब यह सीधे पितरों तक जाता है।

मुख्य द्वार पर पानी छिड़कने से तृप्त होते हैं पूर्वज

जब आप घर के मटके से पानी लेकर मुख्य द्वार पर डालते हैं, तो जितने भी पितर रात्रि भर में आकर भोजन की याचना करते हैं उस जल से उनकी तृप्ति हो जाती है। ऐसे में अगर आप किसी वजह से पूर्वजों को जल देना या श्राद्ध कर्म करना भूल भी जाएं, तब भी उनकी आत्मा को संतुष्टि मिलती है और यह जल सीधे उनके पास पहुंचता है।

दूर होती है कोई भी नकारात्मक ऊर्जा

पितृ पक्ष ही नहीं बल्कि कभी भी आप जब मुख्य द्वार पर पानी का छींटा देते हैं, तो यह किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। ऐसा कहा जाता है कि घर का मुख्य द्वार वह स्थान होता है जहां से किसी भी प्रकार की ऊर्जा का प्रवेश होता है और यदि आप मुख्य द्वार पर रोज सुबह पानी छिड़कते है, तो कोई भी बुरी ऊर्जा घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती है। ऐसे में पानी घर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है।

पितृ पक्ष में अगर आप रोज यह एक उपाय करें कि सुबह उठते ही जल का छिड़काव मुख्य द्वार पर करें, तो पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति मिलती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।