मीन राशि पर शनि का साया? पढ़ें कब खत्म होगी साढ़ेसाती और राहत के लिए कौन-से उपाय देंगे मदद
मीन राशि में इस समय शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है जिसके जीवन में कई प्रभाव देखने ...और पढ़ें

मीन राशि: शनि साढ़ेसाती का प्रभाव, जानें उपाय (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण जारी है।
दूसरा चरण जून 2027 में, पूर्ण मुक्ति दिसंबर 2029 में।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, हनुमान चालीसा और शनि चालीसा पढ़ें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि की साढ़ेसाती वह समय होता है जब शनिदेव साढ़े सात साल के किसी एक में विद्यमान हो जाते हैं। जब शनि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्रमा की स्थिति से बारहवें, पहले और दूसरे घर से होकर गुजरते हैं, तब उस समय को साढ़ेसाती के नाम से जाना जाता है।
चूंकि शनिदेव को कर्म फलदाता के रूप में देखा जाता है और वो जिस भी राशि में विराजमान होते हैं उस राशि के लोगों को अच्छे और बुरे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि में शनिदेव का साया है और इन राशियों में साढ़ेसाती की वजह से कुछ उतार-चढ़ाव भी आ रहे हैं।
ऐसे में मीन राशि वालों के लिए शनि साढ़ेसाती अपने दूसरे चरण में है, जिसे सबसे कठिन समय माना जाता है। वहीं, इसका तीसरा चरण कर्मों का फल देता है। अगर आपकी राशि भी मीन है तो आपके लिए ये जान लेना जरूरी है कि साढ़ेसाती आपकी राशि में कब तक चलेगी और आपको इसके प्रभाव से बचने के लिए दूसरे और तीसरे चरण में कौन से उपाय करने की जरूरत है?
मीन राशि की साढ़ेसाती कब खत्म होगी?
इस समय मीन राशि के लिए शनि साढ़ेसाती का मुख्य चरण चल रहा है, जिसे दूसरा चरण कहा जाता है। यह साढ़े सात साल में से सबसे तीव्र मध्य चरण माना जाता है। इस दौरान शनि आपके जन्म के चंद्रमा के ऊपर से जुजरता है और आपको घर और लोगों के बीच तनाव महसूस हो सकते हैं।
मीन राशि के लोग अक्सर इस दौरान सबसे गहरे सबक सीख सकते हैं। अगर हम साढ़ेसाती के समापन की बात करें, तो आपको अभी थोड़ा और समय शनिसेव के प्रभाव में बिताना पड़ेगा।
दूसरे चरण के बाद तीसरा चरण आरंभ होगा। इस तरह से साढ़ेसाती का दूसरा चरण जून 2027 में समाप्त होगा और उसके बाद तीसरा चरण लगेगा। मीन राशि की साढ़ेसाती पूरी तरह से अगस्त 2029 में समाप्त होगी।
मीन राशि के लिए साढ़ेसाती के उपाय
मीन राशि के लिए शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, जो आपके लिए सबसे ज्यादा प्रभावी हैं। वहीं इसके बाद तीसरे चरण का आरंभ होगा। आइए जानें शनिदेव के प्रभाव से राहत पाने के लिए कुछ उपाय।
सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
ऐसा माना जाता है कि शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त हैं। इसलिए यदि आप अपने साढ़ेसाती के आखिरी चरणों में शिव जी की आराधना करें और शिवलिंग पर प्रत्येक सोमवार को जल चढ़ाएं तो आपको शनि के प्रभाव से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही, आप सोमवार को ॐ नमः शिवाय का जाप भी करें।
मंगलवार को करें यह उपाय
यदि आप प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी की पूजा करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, तो आपको शनि के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी और साढ़ेसाती का कोई भी नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन में नहीं होगा।
शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं
अगर आप प्रत्येक शनिवार किसी भी शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएंगे और साहनी चालीसा का पाठ करेंगे, तो आपको साढ़ेसाती से मुक्ति पाने में मदद मिलेगी। इस दिन आप पीपल के पेड़ में भी दीपक जलाएं और भूलकर भी मांस-मदिरा का सेवन न करें।
किसी भी व्यक्ति के जीवन में साढ़ेसाती वह अवधि होती है जिससे हर व्यक्ति को कम से कम दो बार जरूर गुजरना पड़ता है। अगर आपकी राशि मीन है, तो आप यहां बताए गए उपाय आजमाकर इसके किसी भी बुरे प्रभाव से राहत पा सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
