विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Phulera Dooj 2026: फाल्गुन में कब और क्यों मनाया जाता है फुलेरा दूज का त्योहार, यहां पढ़ें इसकी वजह

Published: Mon, 16 Feb 2026 10:37 AM (IST)

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, 19 फरवरी 2026 को फुलेरा दूज मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण ...और पढ़ें

Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त (Image Source: AI-Generated)

Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी

  2. यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है

  3. राधा रानी की खुशी के लिए श्रीकृष्ण ने बरसाए थे फूल

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। इस खास अवसर पर मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है। इस दिन शुभ काम को करने के लिए पंचांग या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों मनाया जाता है फुलेरा दूज का पर्व। अगर नहीं पता, तो आइए जानते हैं कि इसकी वजह के बारे में।

फुलेरा दूज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Phulera Dooj 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में 19 फरवरी (Kab Hai Phulera Dooj 2026) को फुलेरा दूज मनाई जाएगी।
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत- 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट पर
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का समापन- 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक
अमृत काल - दोपहर 1 बजे 40 मिनट से 02 बजकर 34 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक

Phulera Dooj

(Image Source: AI-Generated)

(Phulera Dooj Significance)

फुलेरा दूज के पर्व को पूरे ब्रज में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण कार्यों में व्यस्त होने की वजह से लंबे समय तक राधा रानी से मिलने नहीं जा सके, जिससे राधा रानी बहुत दुखी हो गईं। उनके दुख की वजह से मथुरा और वृंदावन के वन सूखने लगे। जब भगवान श्रीकृष्ण को इस बात का पता चला, तो श्रीराधा रानी से मिलने बरसाने पहुंचे।

तब श्रीराधा रानी जी को उदास देख प्रभु ने फूल तोड़कर उनपर फेंक दिया, जिससे श्रीराधा रानी के चेहरे पर मुस्कान आ गई। इसके बाद कृष्ण और गोपियों ने फूल बरसाने शुरू कर दिए। तभी से इस दिन फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी पर फूल बरसाए जाते हैं।

यह भी पढ़ें- होलाष्टक 24 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक, क्यों रुक जाते हैं विवाह और शुभ कार्य?

यह भी पढ़ें- Phulera Dooj 2026 Date: फाल्गुन में कब है फुलेरा दूज? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।