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घर के पास है नीम का पेड़? पितृ दोष और शनि की महादशा से राहत के लिए तुरंत करें यह काम

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:21 AM (IST)Updated: Thu, 27 Aug 2026 08:33 AM (IST)

नीम का पौधा केवल सेहत ही नहीं, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी बेहद पवित्र माना गया है। जानिए घर में ...और पढ़ें

नीम से कैसे दूर होंगे शनि और केतु के कष्ट? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नीम का नाम सुनते ही सबसे पहले इसके औषधीय गुणों और कड़वे स्वाद का ख्याल आता है। आयुर्वेद में तो नीम को अनेक बीमारियों की एक दवा माना ही गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र और सनातन परंपरा में भी इस पेड़ का बहुत बड़ा आध्यात्मिक महत्व है

नीम का पेड़ सिर्फ हमारी सेहत और त्वचा को दुरुस्त नहीं रखता, बल्कि यह कुंडली के बड़े-बड़े ग्रह दोषों को शांत करने की भी ताकत रखता है। पूजा-पाठ और हवन में नीम की पत्तियों, छाल और इसकी लकड़ी का इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है। आइए जानते हैं कि नीम के पेड़ से जुड़े कौन-से ज्योतिषीय उपाय आपके जीवन की परेशानियों को चुटकी में हल कर सकते हैं।

पितृ दोष से मुक्ति और पूर्वजों का आशीर्वाद

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष बन रहा हो या परिवार में लगातार तरक्की रुकी हुई हो, तो उसे अपने घर के दक्षिण या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) कोने में नीम का पेड़ जरूर लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है। इस दिशा में नीम का पौधा लगाकर उसकी सही देखभाल करने से पितृ देव प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका शुभ आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। 

शनि देव को प्रसन्न करने और महादशा के उपाय

नीम की लकड़ी से हवन: सप्ताह में कम से कम एक बार नीम की सूखी लकड़ियों से हवन कुंड में आहुति दें। ऐसा करने से शनि का अशुभ प्रभाव शांत होता है।

नीम की माला: नीम की लकड़ी से बनी छोटी माला धारण करने से भी शनि देव के दुष्प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखने लगते हैं।

केतु और राहु दोष शांति के आसान तरीके

कुंडली में राहु और केतु के अशुभ प्रभाव से राहत पाने के लिए भी नीम का इस्तेमाल बेहद कारगर माना गया है। केतु ग्रह की शांति के लिए नीम के ताजे पत्तों का रस निकालकर उसे अपने नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें। इस उपाय को नियमित रूप से करने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं, मानसिक तनाव कम होता है।

हनुमान जी की असीम कृपा

घर के आंगन में नीम का पेड़ लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सुबह स्नान करने के बाद नियमित रूप से नीम के पेड़ की जड़ में शुद्ध जल अर्पित करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर से नकारात्मक शक्तियां हमेशा दूर रहती हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।