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नीम करोली बाबा दिनभर जपते थे 'राम' नाम, जानें इस जप के चमत्कारी लाभ

Published: Sun, 13 Sep 2026 09:01 AM (IST)

नीम करोली बाबा ने कलियुग में राम नाम को सबसे सरल साधना बताया, जिससे मन को शांति मिलती है। चलिए ...और पढ़ें

राम नाम जपना सबसे सरल साधना। (Picture Credit- AI Generated)

राम नाम जपना सबसे सरल साधना। (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. राम नाम कलियुग की सबसे सरल और सहज साधना है।

  2. यह मन को शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

  3. भय, चिंता, अहंकार कम कर आध्यात्मिक शुद्धि में सहायक।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नीम करोली बाबा, जिन्हें भक्त प्रेम से महाराज जी कहते हैं और हनुमान अंश भी माना जाता है। बाबा भगवान राम के नाम के स्मरण पर बहुत जोर देते थे। उनका मानना था कि कलियुग में ईश्वर का नाम लेना सबसे सरल साधना है। इसके लिए किसी कठिन नियम या विशेष साधन की आवश्यकता नहीं होती। बस सच्चे मन से भगवान का नाम लेना ही पर्याप्त है। तो चलिए जानते हैं कि अगर पूरे दिन राम नाम का जाप किया जाए तो उससे क्‍या लाभ होगा। 

राम नाम को मानते थे सबसे सरल साधना

नीम करोली बाबा के संदेशों में राम नाम का जाप और स्मरण सबसे प्रमुख है। वे घंटो पानी में गर्दन तक डूबे खड़े होकर यह साधना करते थे। उनका विश्वास था कि जब मनुष्य लगातार भगवान का नाम लेता है तो उसका मन धीरे-धीरे सांसारिक चिंताओं से हटकर ईश्वर की ओर जाने लगता है। राम नाम का जाप चलते-फिरते, काम करते या शांत बैठकर भी किया जा सकता है।

मन को मिलती है शांति

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन में तरह-तरह के विचार चलते रहते हैं। चिंता, तनाव और बेचैनी के कारण मन को एक पल का भी सकून नहीं मिलता है। ऐसे में राम नाम का नियमित स्मरण मन को एकाग्र करने में सहायक हो सकता है। एक ही नाम पर ध्यान लगाने से विचारों की भागदौड़ कम होती है और मन में शांति का अनुभव हो सकता है।

भय और चिंता कम करने में मदद

जीवन में मुश्किल परिस्थितियां आने पर व्यक्ति अक्सर डर और निराशा से घिर जाता है। बाबा का संदेश था कि ऐसे समय में भगवान को याद करना चाहिए। राम नाम का जाप व्यक्ति को भीतर से संभालने और सकारात्मक सोच बनाए रखने में मदद कर सकता है। 

अहंकार और नकारात्मक सोच में कमी

नियमित रूप से ईश्वर का नाम लेने से व्यक्ति को अपने भीतर झांकने का अवसर मिलता है। इससे अहंकार, क्रोध और स्वार्थ जैसी भावनाओं पर नियंत्रण पाने की प्रेरणा मिल सकती है। व्यक्ति के व्यवहार में विनम्रता और प्रेम बढ़ने लगता है।

सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव

राम नाम का जाप वातावरण को भी शांत और सकारात्मक बनाने वाला अनुभव दे सकता है। जब घर में या व्यक्ति के मन में नियमित रूप से ईश्वर का स्मरण होता है, तो नकारात्मक विचारों से ध्यान हटकर अच्छे विचारों की ओर बढ़ता है। यही कारण है कि भक्त राम नाम को मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति का साधन मानते हैं।

मन की आध्यात्मिक शुद्धि

भगवान का नाम मन की शुद्धि का माध्यम माना गया है। राम नाम का निरंतर स्मरण व्यक्ति को सत्य, प्रेम, सेवा और करुणा जैसे गुणों की ओर प्रेरित कर सकता है। धीरे-धीरे ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भक्ति की भावना भी गहरी हो सकती है।

कैसे करें राम नाम का जाप?

राम नाम का जाप करने के लिए किसी विशेष समय या स्थान की अनिवार्यता नहीं है। सुबह उठकर, पूजा के समय, यात्रा करते हुए या सोने से पहले कुछ मिनट शांत मन से राम नाम का स्मरण किया जा सकता है। सबसे जरूरी है कि जाप दिखावे के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए।

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