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रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का गोचर: नौतपा के 9 दिनों में सूर्य देव की उपासना से दूर होंगे कुंडली के दोष

Published: Wed, 20 May 2026 05:40 PM (IST)

नौतपा, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, नौ दिन में तपा देने वाली गर्मी। भारत में पारंपरिक रूप से ...और पढ़ें

सूर्य देव की कृपा के लिए खास है नौतपा (Picture Credit: Freepik)

सूर्य देव की कृपा के लिए खास है नौतपा (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. 25 मई से 2 जून 2026 तक रहेगा नौतपा

  2. सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए खास है यह अवधि

  3. गर्मी में प्याऊ लगवाएं, जल और वस्त्र दान करें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी से नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। ऐसे में इस बार 25 मई से नौपता शुरू हो रहे हैं, जो 2 जून तक चलेंगे। यह घटना ज्योतिषीय रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

साथ ही यह समय सूर्य देव को प्रसन्न करने, कुंडली में सूर्य ग्रह को मजबूत बनाने और आरोग्यता (उत्तम स्वास्थ्य) पाने के लिए भी सर्वोत्तम है। ऐसे में अगर आप नौतपा के दौरान सूर्य देव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो इन कार्यों का पालन जरूर करें।

इस तरह दें सूर्य देव को जल

सूर्य देव को आत्मा का कारक माना गया है। नौतपा के दौरान सूर्य पूजा से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। ऐसे में सकारात्मक परिणाम पाने के लिए रोजाना सुबह उठकर सूर्योदय को जल अर्पित जरूर करें। इसके लिए एक तांबे के लोटे में साफ जल लेकर उसमें लाल चंदन, लाल फूल (गुड़हल), अक्षत (चावल) और कुमकुम मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। ऐसा करने से तेज बढ़ता है और करियर संबंधी समस्याओं में भी फायदा देखने को मिलता है।

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(Picture Credit: Freepik) (AI Image)

रोजाना करें इन मंत्रों का जप

अर्घ्य देते समय या पूजा के दौरान "ॐ सूर्याय नमः" या "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" मंत्र का नियमित रूप से जप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके साथ ही आप सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए नौतपा के इन 9 दिनों में रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं। इससे जातक के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

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(Picture Credit- AI Generated)

होगी अक्षय पुण्य की प्राप्ति

नौपता की भीषण गर्मी में दूसरों को राहत पहुंचाना ही सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। ऐसे में पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से किए गए ये कार्य आपकी कुंडली के दोषों को शांत करने में मदद कर सकते हैं -

  • ऐसे में सार्वजनिक स्थानों या घर के बाहर राहगीरों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ लगवाएं या पानी की व्यवस्था करें।
  • अपनी क्षमता के अनुसार, भूखे और प्यासे लोगों को पानी, मीठा शरबत, सत्तू और मौसमी फल बांटें।
  • आप जरूरतमंद लोगों को मिट्टी के घड़े (मटके), छाता, हाथ का पंखा और सूती कपड़ों का भी दान कर सकते हैं।
  • अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में पक्षियों और बेजुबान जानवरों के लिए पानी के बर्तन (सकोरे) रखें और उनके लिए छाया की व्यवस्था करें। शास्त्रों में इसे जल सेवा और छाया दान के रूप में महापुण्य का कारक माना गया है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।