श्रीहरि को प्रसन्न करने का सुनहरा मौका है नारद जयंती, इन धार्मिक कार्यों से मिलेगा अक्षय पुण्य
वैदिक पंचांग के मुताबिक, हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर नारद जयंती मनाई जाती है, जो इस बार 2 मई को मनाई जाएगी।

नारद जयंती पर करें ये धार्मिक कार्य (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
नारद जयंती पर की जाती है भगवान विष्णु की पूजा
इन दिन पर अन्न-वस्त्र दान करना माना जाता है शुभ
नारद भक्ति सूत्र का पाठ करना है कल्याणकारी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नारद जयंती देवर्षि नारद और भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने का एक उत्तम अवसर है। देवर्षि नारद को भगवान विष्णु का परम भक्त और ज्ञान का प्रसारक माना जाता है। इस दिन भक्ति और सेवा के कार्यों से प्रभु श्रीहरि भी प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
जरूर करें ये काम
नारद जयंती पर उपवास रखें और विधि-विधान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें। देवर्षि नारद हर समय "नारायण-नारायण" का जप करते हैं। माना जाता है कि अगर आप नारद जयंती पर विशेष रूप से इस मंत्र का जप करते हैं, तो इससे नारद मुनि प्रसन्न होकर भगवान विष्णु तक आपकी प्रार्थना पहुंचाते हैं।
इसके साथ ही नारद मुनि को संवाद का देवता माना जाता है, इसलिए नारद जयंती पर हमेशा सत्य बोलने और सकारात्मक विचार रखने का संकल्प लें। ये सभी कार्य आपको भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिला सकते हैं।
करें इन चीजों का दान
नारद जयंती पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और, निर्धनों को अन्न, वस्त्र, और जल का दान करें। इससे साधक को प्रभु श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। नारद जी को वीणा, संगीत और विद्या का प्रतीक माना जाता है। इस दिन वीणा का दान करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति के लिए ज्ञान से जुड़ी चीजें जैसे कॉपी, पेंसिल, धार्मिक पुस्तकों का दान किया जा सकता है। इससे साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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कर सकते हैं ये पाठ
नारद जयंती के दिन देवर्षि नारद द्वारा रचित 'नारद भक्ति सूत्र' का अध्ययन या श्रवण करना अत्यधिक कल्याणकारी माना जाता है। इसके साथ ही आप इस दिन पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ लक्ष्मी पूजा करें व 'विष्णु सहस्रनाम' और श्री सूक्त का पाठ करें, जो अत्यंत फलदायी होता है। इन कार्यों को पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ करने से जीवन में ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि में वृद्धि होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- नारद जयंती के दिन मांस-मदिरा के सेवन से दूर रहें।
- पूजा के दौरान स्वच्छता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखें।
- किसी का अपमान न करें और झूठ बोलने से बचें।
- किसी जीव-जंतु को परेशान न करें और किसी भी तरह की हिंसा न करें।
- मन में चोरी के विचार लाने से बचना चाहिए, वरना इन सभी कार्यों से आपको पूजा का शुभ फल नहीं मिलता।
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