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कब मनाई जाएगी नारद जयंती? इस दिन प्रभु श्रीहरि की पूजा से मिलता है अमोघ फल

Published: Sat, 25 Apr 2026 10:31 AM (IST)

पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर नारद जयंती मनाई जाती है।

जानें नारद जयंती की तिथि और शुभ मुहूर्त  (Picture Credit- AI Generated)

जानें नारद जयंती की तिथि और शुभ मुहूर्त (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. भगवान विष्णु के परम भक्त हैं नारद मुनि

  2. नारद जयंती पर करनी चाहिए भगवान विष्णु की पूजा

  3. विष्णु जी के भोग में जरूर शामिल करें तुलसी दल

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवर्षि नारद मुनि हर समय 'नारायण-नारायण' का जाप करते हैं और जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु उनके परम आराध्य देव हैं। नारद जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीहरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन में विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। आइए जानते हैं कि इस साल नारद जयंती कब मनाई जाएगी।

इस दिन मनाई जाएगी नारद जयंती

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर शुरू होकर 3 मई को रात 12 बजकर 49 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए नारद जयंती शनिवार 2 मई 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेंगे -

  • ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 4 बजकर 14 मिनट से लेकर प्रातः 4 बजकर 57 मिनट तक
  • अभिजित मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 56 मिनट से शाम 7 बजकर 17 मिनट तक
  • त्रिपुष्कर योग - 3 मई को रात 12 बजकर 49 मिनट से लेकर 3 मई सुबह 5 बजकर 39 मिनट तक
Narad muni

नारद जयंती की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े करें और मन में पूजा का संकल्प लें।
  • घर के मंदिर में सबसे पहले भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
  • श्रीहरि की आराधना के बाद देवर्षि नारद मुनि की पूजा करें।
  • भगवान विष्णु को चंदन, कुमकुम और ताजे फूल चढ़ाएं।
  • प्रभु श्रीहरि को पंचामृत, ताजे फल या शुद्ध घी से बने हलवे का भोग लगाएं।
  • विष्णु जी के भोग में 'तुलसी दल' (तुलसी के पत्ते) जरूर डालें, क्योंकि तुलसी के बिना उनका भोग पूर्ण नहीं होता।
  • पूजा के समापन पर पूरे श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु और नारद मुनि की आरती उतारें।
Narad Jayanti ai
(Picture Credit- AI Generated)

जपें भगवान विष्णु के शक्तिशाली मंत्र

नारद जयंती के दिन भगवान श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए पूजा के समय इन सिद्ध मंत्रों का जप करें -

1. मूल मंत्र - ॐ विष्णवे नमः

2. एकाक्षरी मंत्र - ॐ हूं विष्णवे नमः

3. अष्टाक्षर मंत्र - ॐ नमो नारायणाय

4. द्वादशाक्षर मंत्र - ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

5. विष्णु स्तुति (शांति और सुख-समृद्धि के लिए) -

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं, वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।