विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Margashirsha Amavasya 2023: मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें ये उपाय, पितरों से मिलेगा समृद्धि का आशीष

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Published: Mon, 11 Dec 2023 10:04 AM (IST)

Margashirsha Amavasya 2023 हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि विशेष महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास के कृष्ण ...और पढ़ें

Margashirsha Amavasya 2023 मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें ये उपाय।
Margashirsha Amavasya 2023 मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें ये उपाय।

HighLights

  1. सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है अमावस्या तिथि।
  2. हिंदू पंचांग के अनुसार साल में 12 अमावस्या होती हैं।
  3. इस दिन कुछ विशेष उपायों द्वारा कर सकते हैं पितरों को प्रसन्न।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Pitru Dosh Upay: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि पर स्नान-दान करना बहुत ही शुभ माना गया है। इस तिथि पर यदि कुछ विशेष उपाय किए जाए तो व्यक्ति को पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिससे वह जीवन में आ रही कई प्रकार की समस्याओं से निजात पा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं अमावस्या तिथि पर पितृ दोष के उपाय।

मार्गशीर्ष अमावस्या शुभ मुहूर्त (Amavasya 2023 Shubh Muhurat)

मार्गशीर्ष की अमावस्या तिथि 12 दिसंबर को सुबह 06 बजकर 24 मिनट पर प्रारंभ हो रहा है। साथ ही इसका समापन 13 दिसंबर को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर होगा। ऐसे में मार्गशीर्ष अमावस्या 12 दिसंबर, मंगलवार के दिन पड़ रही है।

जरूर करें तर्पण

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि के दिन स्नान करने के बाद पितरों को जल से तर्पण जरूर करना चाहिए। इसके लिए पितरों को याद करते हुए हाथ में कुश की पवित्री धारण करें। इसके बाद काले तिल और जल से पितरों के लिए तर्पण करें। ऐसा करने से व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

यह भी पढ़ें - Margashirsha Amavasya 2023: मार्गशीर्ष अमावस्या पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, पूरी होगी मनचाही मुराद

इस तरह प्रसन्न होंगे पितृ

भौमवती या मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं और इसके बाद दान-दक्षिणा दें और जरूरतमंदों को अपनी क्षमता अनुसार अन्न या वस्त्र का दान करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं, जिससे व्यक्ति के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती।

साथ ही आप इस दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत आदि भी कर सकते हैं। मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन संध्या के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी पितरों की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

WhatsApp पर हमसे जुड़ें. इस लिंक पर क्लिक करें

डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी