Motivational Story: हर व्यक्ति अपने जीवन में सफल होना चाहता है। वह चाहता है कि मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए उसने जो भी कर्म किए हैं, उससे उसे सफलता मिल जाए। कई बार लाख प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है। असफलता का मुंह देखना पड़ता है। हर व्यक्ति जानना चाहता है कि जीवन में वह सफल कैसे हो सकता है? जागरण अध्यात्म में आज हम आपको एक प्रेरक कथा के बारे में बता रहे हैं, जिसे पढ़कर आप जीवन में सफल होने का मंत्र पा सकते हैं। पढ़ें ​यह कथा—

सुकरात यूनान के महान दार्शनिक थे। एक बाद एक युवक ने सुकरात से जानना चाहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है? इस पर उन्होंने कहा कि उनके बताने मात्र से ही तुम इसके बारे में समझ नहीं पाओगे। तुमको उसे महसूस करना होगा। सफलता के लिए सबसे जरूरी चीज को महसूस करना आवश्यक है।

तब युवक ने कहा कि व​ह महसूस करके उसके बारे में जानना चाहता है। इस पर सुकरात ने कहा कि ठीक है, कल सुबह नदी के किनारे पर आ जाना। वे वहीं पर इंतजार करेंगे। तय समय के अनुसार युवक नदी पर पहुंच गया। सुकरात वहां पर पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने युवक से कहा कि तुम नदी की ओर मेरे साथ दौड़ो।

वे दोनों नदी की ओर दौड़ने लगे। दोनों दौड़ते दौड़ते वहां तक पहुंच गए, जहां पानी उनकी गरदन तक आ गया। इसी बीच सुकरात ने उस लड़के की गर्दन पकड़ ली और उसे नदी में डुबा दिया। कुछ सेकेंड में ही वह युवक छटपटाने लगा, तब सुकरात ने उसे छोड़ दिया। युवक पानी से बाहर मुंह निकाल कर तेज-तेज सांस लेने लगा।

तब सुकरात ने कहा कि पानी के अंदर तुमने क्या महसूस किया कि तुम्हें किसकी सबसे ज्यादा जरूरत है? युवक बोला कि उसे सांस की सबसे ज्यादा जरूरत है। तब सुकरात ने उस युवक से कहा कि सांस लेने के लिए तुमने जितनी शिद्दत से प्रयत्‍‌न किया, वही प्रयत्‍‌न सफलता के लिए जरूरी है।

कथा का सार

सफलता तभी मिलती है, जब संबंधित कार्य आपके लिए सबसे जरूरी हो जाए और आप उसे अपना सौ प्रतिशत दें।

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