जब घर में बनवायें पार्किंग 

हमेशा मकान के उत्तरी पश्चिमी कोने में पार्किंग की जगह होनी चाहिए। यह नियम उस स्थान के लिए विशेष रूप से जरूरी है जहां वाहन को सबसे अधिक समय तक रहना है। मकान के दक्षिण-पश्चिम कोने में पार्किंग बनाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस स्थिति में वाहन को बार बार लम्बे समय तक गैराज में रखना पड़ता है या फिर जल्दी-जल्दी खराब होने लगता है। छोटे वाहनों के लिए पूर्व और उत्तर दिशा में पार्किंग बनवार्इ जा सकती है। यदि उत्तर दिशा में जगह न हो, तो दक्षिण-पूर्व दिशा का भी चयन कर सकते हैं। याद रखें पार्किंग के समय वाहन का अगला भाग दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए, अन्यथा वाहनों के मालिक को व्यापार या कार्यक्षेत्र में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बाजार में या घर के बाहर पार्किंग में रखें ध्यान 

शहर में बेतरतीब पार्किंग बेशक एक बड़ी समस्या है, लेकिन इसके चलते लापरवाही ना बरतें। वास्तु के लिहाज से वाहन मालिकों आैर चालकों के लिए गंभीर परिणाम की वजह बन सकता है। वास्तु ज्ञान पंचतत्व पर आधारित है आैर यह किसी के भी वाहन आैर उसकी सुरक्षा, सफलता में बेहद प्रभावी होता है। यदि सवारी को अड़ा तिरक्षा खड़ा किया जाता है तो शनि आैर चंद्रमा की युति मिलकर विषयोग बनाती है। मानिए कि कोर्इ नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जा रहा है आैर सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़ा होने के चलते उसे अपना वाहन निकालने या पार्क करने में जो परेशानी होती है वो उसका फोकस आैर बिगाड़ कर तनाव की स्थिति बना देती हैं, जिससे इंटरव्यू खराब हो सकता है आैर असफलता का सामना कर पड़ सकता है। 

ये भी रखें ध्यान 

छोटे वाहन जैसे स्कूटर, बाइक आैर साइकिल को ईशान कोण में पार्क करना चाहिए। घर के कोने में वाहन न खड़ा करें, क्योंकि इस स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा होती है। वहीं बड़े वाहन जैसे कार, जीप आदि को उत्तर-पूर्वी दिशा में पार्क नहीं करना चाहिए। वास्तु के अनुसार ऐसा करने पर आर्थिक नुकसान की संभावना होती है। व्यवसायियों को वाहन का अगला भाग उत्तर दिशा की ओर करके गाड़ी पार्क करनी चाहिए। इससे उन्हें अच्छे सौदे करने में मदद मिलती है जबकि नौकरी करने वालों को वाहन का अगला भाग पूर्व की ओर रखना चाहिए।

Posted By: Molly Seth