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गरुड़ पुराण में बताए गए 7 ऐसे कर्म जो इंसान को नर्क का भागी बनाते हैं

Published: Tue, 14 Jul 2026 08:00 AM (IST)

गरुड़ पुराण में ऐसे 7 कर्मों का वर्णन है, जिन्हें करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता ...और पढ़ें

गरुड़ पुराण के अनुसार ये 7 पाप कर्म दिलाते हैं नर्क की यात्रा (Picture Credit: AI Generated)

गरुड़ पुराण के अनुसार ये 7 पाप कर्म दिलाते हैं नर्क की यात्रा (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गरुड़ पुराण को हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में एक माना जाता है, जिसमें जीवन, मृत्यु, कर्म और उनके फलों का वर्णन मिलता है।

इसमें मनुष्य की मृत्यु के बाद की यात्रा के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। इस पुराण का पाठ जब घर में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है उस समय से लेकर तरह दिनों तक किया जाता है जिससे जीवन-मृत्यु के सत्य को समझा जा सके।

इसमें ऐसी कई बातें लिखी हैं जिनका पालन नियमित रूप से जरूरी माना जाता है। वहीं इस पुराण में कुछ ऐसे पाप भी बताए गए हैं जिन्हें यदि व्यक्ति अपने जीवन में करता है तो उसे कभी भी मोक्ष नहीं मिलता है और वो मृत्यु के बाद नर्क जाता है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।

माता पिता का अपमान करना

गरुड़ पुराण में माता-पिता के अपमान को सबसे बड़ा पाप बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति माता-पिता का बिना वजह अपमान करता है और उनकी इच्छाओं की अनदेखी करता है उसे मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता है। यही नहीं ऐसा व्यक्ति पाप का भागी बनता है। इस तरह के लोगों को मृत्यु के बाद ऐसी सजा मिलती है कि उन्हें नर्क जाना पड़ता है।

झूठ बोलकर किसी को नुकसान पहुंचाना

झूठ बोलने को सबसे बड़ा पाप बताया गया है और जो व्यक्ति झूठ बोलकर किसी को भी नुकसान पहुंचाता है उसके लिए गरुड़ पुराण में बड़ी सजा बताई गई है। ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद नर्क मिलता है और उन्हें कभी भी पुण्य फलों की प्राप्ति नहीं होती है।

मदिरा पान करना

मदिर पान करने वाले व्यक्ति को गरुड़ पुराण में पापी के समान बताया गया है। जो व्यक्ति नियमित मदिरा पान करता है और मनुष्य जीवन के धर्मों का पालन नहीं करता है उसे कभी भी मुक्ति नहीं मिलती है। ऐसे व्यक्ति के घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता है और मृत्योपरांत उसे नर्क की ओर प्रस्थान करना पड़ता है।

भोजन का अपमान करना

गरुड़ पुराण में भोजन का अपमान करने वाले व्यक्ति को घोर पापी बताया गया है। भोजन का अपमान या थाली में जूठा भोजन छोड़ने वाला व्यक्ति सीधे माता अन्नपूर्णा का अपमान करता है और ऐसे व्यक्ति के जीवन में ज्यादा देर तक समृद्धि नहीं टिक पाती है। यही नहीं इस तरह के व्यक्ति को मृत्यु के बाद स्वर्ग नहीं मिलता और नर्क की यात्रा तय करनी पड़ती है।

कमजोर पर अत्याचार

अगर कोई व्यक्ति कमजोर पर अत्याचार करता है तो उसके जीवन में कभी भी समृद्धि नहीं आ सकती है। गरुड़ पुराण में इसे घोर पाप का दर्जा दिया गया है और इस पाप को करने वाले व्यक्ति को कभी भी मोक्ष नहीं मिलता है।

धर्म का मजाक उड़ाना

अगर कोई व्यक्ति किसी भी धर्म विशेष के बारे में अपशब्द कहता है या फिर उसके बारे में कुछ भी बुरा बोलता है तो ये पाप कर्म माना जाता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में ज्यादा दिनों तक समृद्धि नहीं टिकती है और उसे मृत्यु के बाद नर्क जाना पड़ता है।

दान न करना

यदि कोई व्यक्ति समर्थ होने के बाद भी कभी दान कर्म नहीं करता है तो उसे जीवन में मुक्ति नहीं मिलती है। ऐसे व्यक्ति के लिए मृत्य के बाद बहुत कठोर सजा निर्धारित की गई है और उसे नर्क का भागी बनना पड़ता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ये 7 कर्म करता है तो उसे जीवन पर्यन्त और मृत्यु के बाद शांति नहीं मिलती है और ऐसा व्यक्ति नर्क की ओर जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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