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कजरी तीज पर भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, व्रत और पूजा का नहीं मिलेगा पूरा फल

Published: Sun, 30 Aug 2026 02:56 PM (IST)

कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त को है, जिसमें सुहागिनें पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। ...और पढ़ें

कजरी तीज व्रत: इन 8 गलतियों से बचें, मिलेगा पूजा का पूरा फल (Picture Credit: AI Generated)

कजरी तीज व्रत: इन 8 गलतियों से बचें, मिलेगा पूजा का पूरा फल (Picture Credit: AI Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कजरी तीज का महत्व होता है। इस दिन का व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना में रखती हैं। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा।

मान्यता है कि यह उपवास माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। तभी से इसे व्रत को सुहाग का व्रत माना जाता है और इसे कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर की कामना में करती हैं।

इस दिन पूरे दिन निर्जला उपवास किया जाता है और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद इस व्रत को खोला जाता है। ज्योतिष की मानें तो आपको इस दिन व्रत के दौरान कुछ कामों से बचना चाहिए, जिससे पूजा का पूर्ण फल मिले। आइए आपको बताते हैं कि कजरी तीज के दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए।

काले या सफेद वस्त्र न पहनें

कजरी तीज का व्रत मुख्य रूप से सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना में करती हैं। इस दिन आपको पूजा के दौरान भूलकर भी काले या सफेद रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। वैसे तो किसी भी पूजा में इस रंग के वस्त्र वर्जित माने जाते हैं। आपको मुख्य रूप से कजरी तीज के दिन हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।

गुस्सा नहीं करना चाहिए

कजरी तीज के दिन व्रत करने वाली महिलाओं को किसी के ऊपर भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी से भी बहस न करें, अपना आपा न खोएं और न ही किसी के बारे में बुरा-भला कहें। अगर आप व्रत के दौरान ऐसा करती हैं, तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इस दिन आप अपने मन को शांत और सकारात्मक रखें।

दिन में न सोएं

कजरी तीज के व्रत वाले दिन दिन में सोना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि व्रत के दिन यदि कोई दिन में सोता है तो उसका व्रत पूर्ण नहीं माना जाता है और न ही व्रत का पूर्ण फल मिलता है।

बाल या नाखून काटने से बचें

कजरी तीज के व्रत के दिन आपको बाल काटने, नाखून काटने या झाड़ू लगाने जैसे कामों से बचना चाहिए। यदि सम्भव हो तो इस दिन चाकू और कैंची के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए। ऐसा करने से आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

सोलह श्रृंगार न करना

कजरी तीज के व्रत में पूजा के दौरान महिलाओं को सोलह श्रृंगार करने की सलाह दी जाती है। यदि आप पूजा के दौरान श्रृंगार नहीं करती हैं तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है और पूजा अधूरी मानी जाती है।

पति से लड़ाई करना

यदि कजरी तीज के व्रत के दिन महिलाएं किसी बात पर भी पति से लड़ाई-झगड़ा करती हैं तो उन्हें पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इस दिन आपको जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बनाए रखना चाहिए, जिससे पूजा का पूर्ण फल मिलता है।

टूटे हुए दीये का इस्तेमाल

कई बार पूजा के समय महिलाएं टूटे हुए दीपक का इस्तेमाल करती हैं। ऐसी पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती है और इससे पूजा का फल भी नहीं मिलता है। आपको ध्यान देना चाहिए कि पूजा का दीपक टूटा या चिटका न हो।

गलत बर्तन से अर्घ्य न दें

कजरी तीज के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है और यदि आप इस दिन सही बर्तन से अर्घ्य नहीं देती हैं तो पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती हैं। इस दिन भूलकर भी आप प्लास्टिक या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल अर्घ्य देने के लिए न करें। इसके बजाय चांदी, पीतल या मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए करें।

कजरी तीज के दिन आपको भूलकर भी यहां बताई गलतियां नहीं करनी चाहिए। इससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।