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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

June Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत पर करें इन मंत्रों का जप, भगवान शिव की कृपा से मिलेगी सुख-समृद्धि

Published: Mon, 16 Jun 2025 01:55 PM (IST)

प्रदोष व्रत (June Pradosh Vrat 2025) भगवान शिव को समर्पित एक शुभ व्रत है जो हर महीने में दो बार ...और पढ़ें

Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव के 108 नाम।
Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव के 108 नाम।

HighLights

  1. प्रदोष व्रत का सनातन धर्म में बड़ा महत्व है।
  2. प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है।
  3. प्रदोष व्रत से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रदोष व्रत का शास्त्रों में खास महत्व है। यह शुभ व्रत भगवान शिव को समर्पित है, जिसे शिव भक्त पूर्ण भक्ति के साथ मनाते हैं और कठिन व्रत रखते हैं। यह (June Pradosh Vrat 2025) हर महीने में दो बार आता है। एक बार शुक्ल पक्ष और एक बार कृष्ण पक्ष में। यह व्रत विशेष रूप से प्रदोष काल के दौरान मनाया जाता है, जो सूर्यास्त के ठीक बाद शुरू होता है। कहा जाता है कि यह समय शिव पूजा के लिए बहुत शुभ होता है। ऐसे में सुबह उठें और पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

फिर शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं। सफेद मिठाई का भोग लगाएं। पूजा में बिल्व पत्र जरूर शामिल करें। फिर भगवान शिव के 108 नामों का जप करें। अंत में आरती करें। ऐसा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 जून को पड़ रही है।

।।भगवान शिव के 108 नाम।।

1. ॐ महाकाल नमः

2. ॐ भीमेश्वर नमः

3. ॐ विषधारी नमः

4. ॐ बम भोले नमः

5. ॐ विश्वनाथ नमः

6. ॐ अनादिदेव नमः

7. ॐ उमापति नमः

8. ॐ गोरापति नमः

9. ॐ गणपिता नमः

10. ॐ ओंकार स्वामी नमः

11. ॐ ओंकारेश्वर नमः

12. ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः

13. ॐ भोले बाबा नमः

14. ॐ शिवजी नमः

15. ॐ रुद्रनाथ नमः

16. ॐ भीमशंकर नमः

17. ॐ नटराज नमः

18. ॐ प्रलेयन्कार नमः

19. ॐ चंद्रमोली नमः

20. ॐ डमरूधारी नमः

21. ॐ चंद्रधारी नमः

22. ॐ दक्षेश्वर नमः

23. ॐ घ्रेनश्वर नमः

24. ॐ मणिमहेश नमः

25. ॐ अनादी नमः

26. ॐ अमर नमः

27. ॐ आशुतोष महाराज नमः

28. ॐ विलवकेश्वर नमः

29. ॐ भोलेनाथ नमः

30. ॐ कैलाश पति नमः

31. ॐ भूतनाथ नमः

32. ॐ नंदराज नमः

33. ॐ नन्दी की सवारी नमः

34. ॐ ज्योतिलिंग नमः

35. ॐ मलिकार्जुन नमः

36. ॐ शम्भु नमः

37. ॐ नीलकंठ नमः

38. ॐ महाकालेश्वर नमः

39. ॐ त्रिपुरारी नमः

40. ॐ त्रिलोकनाथ नमः

41. ॐ त्रिनेत्रधारी नमः

42. ॐ बर्फानी बाबा नमः

43. ॐ लंकेश्वर नमः

44. ॐ अमरनाथ नमः

45. ॐ केदारनाथ नमः

46. ॐ मंगलेश्वर नमः

47. ॐ अर्धनारीश्वर नमः

48. ॐ नागार्जुन नमः

49. ॐ जटाधारी नमः

50. ॐ नीलेश्वर नमः

51. ॐ जगतपिता नमः

52. ॐ मृत्युन्जन नमः

53. ॐ नागधारी नमः

54. ॐ रामेश्वर नमः

55. ॐ गलसर्पमाला नमः

56. ॐ दीनानाथ नमः

57. ॐ सोमनाथ नमः

58. ॐ जोगी नमः

59. ॐ भंडारी बाबा नमः

60. ॐ बमलेहरी नमः

61. ॐ गोरीशंकर नमः

62. ॐ शिवाकांत नमः

63. ॐ महेश्वराए नमः

64. ॐ महेश नमः

65. ॐ संकटहारी नमः

66. ॐ महेश्वर नमः

67. ॐ रुंडमालाधारी नमः

68. ॐ जगपालनकर्ता नमः

69. ॐ पशुपति नमः

70. ॐ संगमेश्वर नमः

71. ॐ अचलेश्वर नमः

72. ॐ ओलोकानाथ नमः

73. ॐ आदिनाथ न

74. ॐ देवदेवेश्वर नमः

75. ॐ प्राणनाथ नमः

76. ॐ शिवम् नमः

77. ॐ महादानी नमः

78. ॐ शिवदानी नमः

79. ॐ अभयंकर नमः

80. ॐ पातालेश्वर नमः

81. ॐ धूधेश्वर नमः

82. ॐ सर्पधारी नमः

83. ॐ त्रिलोकिनरेश नमः

84. ॐ हठ योगी नमः

85. ॐ विश्लेश्वर नमः

86. ॐ नागाधिराज नमः

87. ॐ सर्वेश्वर नमः

88. ॐ उमाकांत नमः

89. ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः

90. ॐ त्रिकालदर्शी नमः

91. ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः

92. ॐ महादेव नमः

93. ॐ गढ़शंकर नमः

94. ॐ मुक्तेश्वर नमः

95. ॐ नटेषर नमः

96. ॐ गिरजापति नमः

97. ॐ भद्रेश्वर नमः

98. ॐ त्रिपुनाशक नमः

99. ॐ निर्जेश्वर नमः

100. ॐ किरातेश्वर नमः

101. ॐ जागेश्वर नमः

102. ॐ अबधूतपति नमः

103. ॐ भीलपति नमः

104. ॐ जितनाथ नमः

105. ॐ वृषेश्वर नमः

106. ॐ भूतेश्वर नमः

107. ॐ बैजूनाथ नमः

108. ॐ नागेश्वर नमः

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