यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jesus Christ Birth Story: कैसे हुआ था प्रभु यीशु मसीह का जन्म, पढ़ें यह कथा
Jesus Christ Birth Story आज क्रिसमस है। आज के दिन ईसाई समुदाय के लोग यीशु मसीह के जन्मदिन को मनाते ...और पढ़ें

Jesus Christ Birth Story: आज क्रिसमस है। आज के दिन ईसाई समुदाय के लोग यीशु मसीह के जन्मदिन को मनाते हैं और खुशियां मनाते हैं। आइए पढ़ते हैं ईसा मसीह के जन्म की कथा। बाइबल के अनुसार, ईसा मसीह का जन्म मरियम के गर्भ से हुआ था। मरियम गलीलिया शहर के नाजरेथ गांव में रहती थीं। उनकी सगाई यूसुफ नाम के एक बढई से हुई थी। ये दाऊद राजवंशी थे।
ऐसा कहा जाता है कि मरीयम को एक सपना आया था जिसमें उन्हें प्रभु के पुत्र यीशु को जन्म देने की भविष्यवाणी की गई थी। माता मरियम विवाह से पहले ही ईश्वरीय प्रभाव से गर्भवती हो गई थीं। ऐसे में यूसुफ को मरियम के चरित्र को लेकर चिंता होने लगी। वह यह सोचने लगे कि क्या उन्हें मरियम से शादी करनी चाहिए या नहीं। लेकिन जल्द ही उन्हें इस चिंता का समाधान भी मिल गया। एक फरिश्ते ने सपने में ही यूसुफ को यीशु मसीह के जन्म की बात बता दी। साथ ही उन्हें मरियम से शादी करने की आज्ञा भी दी।
यूसुफ ने ईश्वर की आज्ञा पाई और मरियम से विवाह कर लिया। शादी के बाद एक बार मरियम और यूसुफ को बेथलहम जाना पड़ा। लेकिन उन्हें कहीं रहने की जगह नहीं मिली और इस दौरान मरियम को बेथलहम में रहना पड़ा। रात ज्यादा हो गई थी ऐसे में उन्होंने वहीं रहने के बारे में सोचा लेकिन उन्हें वहां रुकने के लिए कोई ठीक जगह नहीं दिखी। ऐसे में उन्हें एक जगह दिखाई दी जहां पर पशुपालन किया जाता था। वह गौशाला थी। उन्होंने वहीं रुकने का फैसला किया। उसी के अगले दिन माता मरियम ने प्रभु यीशु को जन्म दिया।
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