Durga Ashtami 2026: मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जपें ये 'सिद्ध मंत्र', पूरी होगी मनचाही मुराद
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर कई मंगलकारी योग (Durg Ashtami 2026 Yoga) बन ...और पढ़ें
-1771338798912_m.webp)
Durga Ashtami 2026: मां दुर्गा को प्रसन्न करने के सरल उपाय

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 24 फरवरी को फाल्गुन माह की दुर्गा अष्टमी है। यह दिन जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर जगत जननी मां गौरी और उनके रूपों की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है।

अगर आप भी जगत की देवी मां दुर्गा को प्रसन्न कर उनकी कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो दुर्गा अष्टमी पर भक्ति भाव से मां जगदंबा की पूजा (Durgashtami 2026 Puja Vidhi) करें। साथ ही पूजा के समय इन मंत्रों का जप करें।
मां दुर्गा मंत्र
1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
3. सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्तिमन्विते ।
भये भ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमो स्तुते ॥
4. हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत् ।
सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्यो नः सुतानिव ॥
5. शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे ।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमो स्तुते ॥
6. रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभिष्टान् ।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्माश्रयतां प्रयान्ति ॥
7. जयन्ती मड्गला काली भद्रकाली कपालिनी ।
दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमो स्तुते ॥
8. सृष्टि स्तिथि विनाशानां शक्तिभूते सनातनि ।
गुणाश्रेय गुणमये नारायणि नमो स्तुते ॥
9. “दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता॥”
10. शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।
घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च॥
भगवती माता स्तोत्र
जय भगवति देवि नमो वरदेजय पापविनाशिनि बहुफलदे।
जय शुम्भनिशुम्भकपालधरेप्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे॥
जय चन्द्रदिवाकरनेत्रधरेजय पावकभूषितवक्त्रवरे।
जय भैरवदेहनिलीनपरेजय अन्धकदैत्यविशोषकरे॥
जय महिषविमर्दिनि शूलकरेजय लोकसमस्तकपापहरे।
जय देवि पितामहविष्णुनतेजय भास्करशक्रशिरोऽवनते॥
जय षण्मुखसायुधईशनुतेजय सागरगामिनि शम्भुनुते।
जय दुःखदरिद्रविनाशकरेजय पुत्रकलत्रविवृद्धिकरे॥
जय देवि समस्तशरीरधरेजय नाकविदर्शिनि दुःखहरे।
जय व्याधिविनाशिनि मोक्ष करेजय वांछितदायिनि सिद्धिवरे॥
एतद्व्यासकृतं स्तोत्रंयः पठेन्नियतः शुचिः।
गृहे वा शुद्धभावेनप्रीता भगवती सदा॥
यह भी पढ़ें- Durga Ashtami 2026: त्रिपुष्कर योग में करें देवी मां दुर्गा की पूजा, कष्टों का होगा अंत और बढ़ेगा मान-सम्मान
यह भी पढ़ें- Durga Ashtami 2026 Date: कब है फाल्गुन माह की दुर्गा अष्टमी? इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से दूर होंगे सारे कष्ट
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
