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Holashtak 2026 Date: होली से पहले के ये 8 दिन माने जाते हैं अशुभ, भूलकर भी न करें ये गलती

Published: Fri, 30 Jan 2026 01:30 PM (GMT+05:30)

होलाष्टक (Holashtak 2026) होली से आठ दिन पहले का अशुभ समय होता है, जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक ...और पढ़ें

Holashtak 2026 Date: होलाष्टक के नियम।

Holashtak 2026 Date: होलाष्टक के नियम।

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में होली का त्योहार खुशहाली और शुभता का प्रतीक है, लेकिन होली से ठीक आठ दिन पहले का समय ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छे नहीं माने जाते हैं। इस आठ दिनों की अवधि को 'होलाष्टक' कहा जाता है। साल 2026 में होलाष्टक फरवरी के अंत में शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इस अवधि में कुछ कामों को करने से बचना चाहिए, आइए उनके बारे में जानते हैं।

Holashtak 2026 Start Dates

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कब से कब तक रहेगा होलाष्टक 2026 ? (Holashtak 2026 Start Dates)

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक शुरू होगा और पूर्णिमा तक रहेगा।
ऐसे में इस साल होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से होगी। वहीं, होलाष्टक का समापन 3 मार्च 2026 को होगा।

क्यों माना जाता है होलाष्टक को अशुभ?

ऐसा कहा जाता है कि इन आठ दिनों में भक्त प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बहुत सी यातनाएं दी थीं। अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक प्रह्लाद को मारने के कई प्रयास किए गए, जिस वजह से होलाष्टक को बहुत अशुभ माना गया। वहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलाष्टक के दौरान आठ ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं। ग्रहों के उग्र होने के कारण इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कामों को करने की मनाही होती है, ताकि जीवन में किसी भी तरह की मुश्किलें न आएं।

भूलकर भी न करें ये शुभ काम (What to Avoid)

  • विवाह संस्कार: इन दिनों में विवाह नहीं करना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इससे दाम्पत्य जीवन में शांति नहीं रहती है।
  • गृह प्रवेश: इस दौरान नए घर में प्रवेश या नींव रखना अशुभ माना जाता है।
  • मुंडन: बच्चों के मुख्य संस्कार इन दिनों टाल देने चाहिए।
  • नया व्यापार: नई दुकान खोलना या बड़ा निवेश करना इस समय सही नहीं माना जाता।
  • वाहन या संपत्ति: इस दौरान कोई भी कीमती वस्तु या जमीन-जायदाद की खरीदारी करने से बचना चाहिए।

करें ये काम

होलाष्टक के दौरान भले ही मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं, लेकिन यह समय धार्मिक कामों जैस - जप, तप और दान के लिए बहुत उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान इन दिनों में भगवान विष्णु और महादेव की पूजा करनी चाहिए। ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र का जप व श्री हरि स्तोत्र का पाठ जरूर करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।