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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ganga Snan 2023: गंगा स्नान आज, देशभर में श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी; इस मंत्र का करें जाप

By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
Published: Mon, 27 Nov 2023 06:30 AM (IST)

गंगा स्नान का सनातन धर्म में बड़ा ही धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन भक्त विभिन्न पवित्र स्थानों पर ...और पढ़ें

देशभर में श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
देशभर में श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

HighLights

  1. कार्तिक पूर्णिमा को पूरे देश में बहुत भव्यता के साथ मनाया जाता है
  2. लोग गंगा नदी में पवित्र स्नान करते हैं

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज लोग कार्तिक गंगा स्नान करेंगे। कार्तिक पूर्णिमा को सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा को पूरे देश में बहुत भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग गंगा नदी में पवित्र स्नान करते हैं। यह सनातन धर्म में एक पवित्र अनुष्ठान माना गया है। कार्तिक माह भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की पूजा के लिए पूरी तरह समर्पित है, जो कार्तिक पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा।

गंगा स्नान की तारीख

पूर्णिमा तिथि आरंभ - 26 नवंबर 2023 - 03:53

पूर्णिमा तिथि समापन - 27 नवंबर 2023 - 02:45

स्नान का महत्व जानिये

गंगा स्नान का सनातन धर्म में बड़ा ही धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन भक्त विभिन्न पवित्र स्थानों पर जाकर गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं। लोग इस दिन हरिद्वार, ऋषिकेश, वाराणसी, नासिक, कुरूक्षेत्र, पुष्कर समेत कई स्थानों पर जाते हैं और गंगा स्नान करते हैं।

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इस मंत्र का करें जाप

गंगा गंगेति यो ब्रूयात, योजनानाम् शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेभ्यो, विष्णुलोके स गच्छति

ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नम:।।

गंगा स्नान पूजा की विधि

  • सुबह में जल्दी उठकर गंगा नदी में पवित्र स्नान करने जाएं।
  • अगर आप गंगा में स्नान करने नहीं जा सकते हैं, तो इस शुभ दिन पर आपको अपने नहाने के पानी में गंगा जल अवश्य मिलाना चाहिए।
  • इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देना बेहद कल्याणकारी माना गया है।,
  • भगवान सूर्य को अर्घ्य देते समय 'ॐ आदित्याय नमः' का जाप करें और उनसे आशीर्वाद लें।
  • जो भक्त शाम के समय गंगा स्नान कर रहे हैं उन्हें चंद्र देव को अर्घ्य देना चाहिए और 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:'का जाप करना चाहिए।