आप भी गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा को एक ही मानते हैं? अभी जान लें दोनों में क्या है अंतर
सनातन धर्म में गंगा दशहरा और गंगा सप्तमी दोनों ही मां गंगा को समर्पित महत्वपूर्ण पर्व हैं। गंगा दशहरा पर ...और पढ़ें
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गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में गंगा दशहरा का दिन बेहद पवित्र माना गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर हर साल गंगा दशहरा का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं थीं।
इसलिए दशमी तिथि गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस अवसर पर मां गंगा की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही गंगा स्नान किया जाता है। इससे साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और शुभ फल मिलता है। गंगा दशहरा के अलावा गंगा सप्तमी का दिन भी मां गंगा को समर्पित है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं ये दोनों त्योहार एक-दूसरे से कैसे अलग हैं।
गंगा दशहरा
गंगा दशहरा के दिन मां गंगा पहली बार स्वर्ग से धरती पर आईं थीं। इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। गंगा दशहरा को हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। गंगा दशहरा को गंगा के अवतरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
गंगा सप्तमी
धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर मां गंगा का पुनर्जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन गंगा सप्तमी मनाई जाती है। इसे गंगा जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस खास अवसर पर गंगा नदी में स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। इससे साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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(AI Generated Image)
गंगा दशहरा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Ganga Dussehra 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार गंगा दशहरा 25 मई को मनाया जाएगा।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत-25 मई को सुबह 04 बजकर 30 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का समापन- 26 मई को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर
गंगा दशहरा के करें ये काम
गंगा दशहरा के दिन दान करने का विशेष महत्व है। इस स्नान और पूजा-अर्चना करने के बाद जल से भरा मिट्टी का घड़ा, हाथ का पंखा, खरबूजा और तरबूज समेत आदि चीजों का दान मंदिर या गरीब लोगों में करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जातक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
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