Ganesh Visarjan 2026: 7 दिन के लिए बप्पा को किया है स्थापित? तो कल इन शुभ मुहूर्तों में दें गजानन को विदाई
गणेश उत्सव के सातवें दिन, 20 सितंबर को बप्पा को विदाई देने के लिए तीन शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन: 7वें दिन बप्पा को विदाई (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
20 सितंबर को गणेश विसर्जन के लिए तीन शुभ मुहूर्त।
सुबह 7:42 से दोपहर 12:16 तक चर, लाभ, अमृत काल।
विसर्जन से पहले बप्पा की विधिवत पूजा-अर्चना करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश उत्सव धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में आता जा रहा है। 20 सितंबर को उत्सव का 7वां दिन होगा।जिन भक्तों ने सात दिन के लिए अपने घर में श्री गणेश प्रतिमा को स्थापित किया था, वे लोग बप्पा को विदाई दे सकते हैं। इस दिन गणेश विसर्जन के लिए दिनभर में तीन शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। कल रविवार के दिन आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मुहूर्त पर गणपति को विदाई दे सकते हैं। चलिए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष चंद्रेश शर्मा जी से सर्जन के शुभ मुहूर्तों के बारे में जानते हैं।
20 सितंबर को गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
अगर आपके घर में सातवें दिन गणपति विसर्जन की परंपरा है, तो 20 सितंबर 2026 को इन शुभ समय में बप्पा को विदाई दी जा सकती है।
- सुबह 7 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक चर, लाभ और अमृत काल रहेगा। इस मुहूर्त पर बप्पा को विदाई दी जा सकती है।
- दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक शुभ काल रहेगा। यह समय भी विसर्जन के लिए अच्छा रहेगा।
- शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 10 बजकर 47 मिनट तक शुभ, अमृत और चर काल रहेगा, यह समय गणेश विर्सजन के लिए धार्मिक दृष्टि से शुभ रहेगा।
विसर्जन से पहले बप्पा की करें विधिवत पूजा
- गणपति विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। सबसे पहले बप्पा को स्नान कराएं या साफ कपड़े से प्रतिमा को पोंछकर उनका श्रृंगार करें।
- इसके बाद श्री गणेश को उनकी सभी प्रिय चीजें जैस दूर्वा, फूल, सिंदूर, अक्षत और मोदक आदि अर्पित करें और दीपक जलाकर उनकी आरती उतारें।
- पूजा के बाद गणपति को उनके स्थान से थोड़ा हिलाएं और फिर उनके कान में सभी घरवाले अपनी मनोकामना बोलें।
- विसर्जन से पहले एक साफ कपड़े कह पोटली तैयार करें और बप्पा की सभी प्रिय चीजों को उस पोटली के अंदर रखकर पोटली को बंद कर दें।
- अब आपको घर पर ही एक साफ पात्र में पानी भरना है और उसमें फूल आदि डालने हैं। इसके बाद गणपति की मूर्ति को धीरे से श्रद्धा के साथ उस पात्र में विसर्जित कर देना है।
यह भी पढ़ें- Ganesh Visarjan 2026 Niyam:क्या सबको करना चाहिए विघ्नहर्ता का विसर्जन, पढ़ लें ये जरूरी नियम
यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती का असली मतलब? गणेशोत्सव 2026 पर ऐसे करें बप्पा को प्रसन्न
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
