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गणेश विसर्जन 2026: कल सुबह से शाम तक 4 शुभ मुहूर्त में करें बप्पा को विदा, नोट करें सही विधि

Published: Thu, 24 Sep 2026 01:46 PM (IST)

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन 2026 के शुभ मुहूर्त और सही विधि के बारे में जानें। ज्योतिषाचार्य चंद्रेश शर्मा ने ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन बहुत विशेष होता है।

गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन बहुत विशेष होता है।

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ गणपति उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ समाप्‍त हो जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने के बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई देते हैं। इस दिन बप्‍पा को विदाई देने का शुभ मुहूर्त क्‍या होगा, इस बारे में हमने एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषाचार्य चंद्रेश शर्मा से पूछा। वह कहते हैं, "बप्पा के विसर्जन के साथ-साथ आज अनंत चतुर्दशी भी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है और अनंता धारण किया जाता है।"

ऐसे में एक दिन में दो बड़े अवसरों को विधिपूर्वक मनाना भक्तों के लिए भी थोड़ा कठिन हो जाता है। हालांकि, इस बार अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा के विसर्जन के चार शुभ मुहूर्त निकाले गए हैं। चंद्रेश जी गणपति विसर्जन के दौरान पूजा, मुहूर्त और कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखने की भी सलाह देते हैं।" चंद्रेश जी गणपति विसर्जन के दौरान पूजा, मुहूर्त और कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखने की भी सलाह देते हैं।

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन बहुत विशेष माना जाता है। ज्योतिष शास्त्री चंद्रेश शर्मा के अनुसार, 25 सितंबर को गणपति विसर्जन के लिए अलग-अलग समय शुभ रहेंगे, इनमें श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार गणपति विसर्जन का समय चुन सकते हैं।

  • सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक-चर, लाभ और अमृत
  • दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक- शुभ
  • शाम 4 बजकर 45 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक-चर
  • रात 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 44 मिनट तक-लाभ

विसर्जन से पहले कैसे करें गणपति की पूजा?

गणपति विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। गणेश जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। पूजा के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश से जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांग सकते हैं, इसके लिए पूजा के अंत में क्षमा याचना पढ़ें। फिर बप्पा को विसर्जित कर दें।

गणेश विसर्जन के विशेष नियम

गणपति विसर्जन बहुत भी भावपूर्ण समय होता है। मगर नियति का नियम ही यही है कि अतिथि को एक दिन जाना होता है। ऐसे में अनंत चतुर्दशी के दिन बप्‍पा को विदा करना भी आसान नहीं होता है। इसलिए विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और विसर्जन से पहले गणेश प्रतिमा को उनके स्थान से थोड़ा हिला देना चाहिए। इसके बाद बप्‍पा को भोजन कराके, उनके लिए एक विशेष पोटली तैयार करके और उसमें उनकी सभी प्रिय चीजों को रखकर उन्‍हें श्रद्धा के साथ विसर्जित कर देना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।