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Jyeshtha Purnima 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय, घर चली आएंगी धन की देवी मां लक्ष्मी

Jyeshtha Purnima 2023 धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि को पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-उपासना करने से व्यक्ति को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति की मनोकामना यथाशीघ्र पूर्ण होती है।

By Pravin KumarEdited By: Pravin KumarPublished: Thu, 25 May 2023 06:07 PM (IST)Updated: Thu, 25 May 2023 06:07 PM (IST)
Jyeshtha Purnima 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय, घर चली आएंगी धन की देवी मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, आध्यात्म डेस्क। Jyeshtha Purnima 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार 3 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। वहीं, 4 जून को स्नान-ध्यान और दान किया जाएगा। सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान-ध्यान, पूजा, जप, तप और दान करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि को पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-उपासना करने से व्यक्ति को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति की मनोकामना यथाशीघ्र पूर्ण होती है। अतः ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। अगर आप भी धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ये उपाय जरूर करें। आइए जानते हैं-

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-  ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन गंगाजल युक्त पानी से स्नान करने के बाद जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर चौकी पर स्थापित करें। अब भगवान की पूजा पीले रंग के फल, फूल, धूप, दीप, हल्दी, अक्षत आदि चीजों से करें। प्रसाद में पीले और सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। इसके पश्चात मां को 11 कौड़ियां अर्पित करें और कौड़ियों पर हल्दी से तिलक करें। अंत में आरती अर्चना कर सुख, समृद्धि और धन वृद्धि की कामना करें। अगले दिन पूजा-पाठ कर कौड़ियों को लाल वस्त्र में बांधकर तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से धन संबंधी परेशानी दूर होती है। साथ ही घर में धन का आगमन होता है।

- अगर आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पूजा के समय अपने हाथ में लाल रंग का फूल लेकर माता का ध्यान करें। इस समय सुख, समृद्धि और धन प्राप्ति की कामना करें। इसके पश्चात पुष्प माता के चरणों में भेंट कर दें। अगले दिन फूल को तिजोरी में रख दें।

- ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन लाल रंग के वस्त्र में सवा किलो साबुत चावल रखें। इसके बाद कपड़े को बांधकर ॐ श्रीं श्रीये नम: मंत्र का जाप करें। अंत में चावल की पोटली को तिजोरी में रख दें।

डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।


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