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जब दीवाली की रात साईं बाबा ने किया था अद्भुत चमत्कार, आंसुओं से जला दिए थे दीपक

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:44 PM (IST)

दीवाली की रात शिरडी के साईं बाबा ने पानी से दीपक जलाकर अद्भुत चमत्कार किया था। जानिए इस चमत्कारी कथा ...और पढ़ें

साईं बाबा का अद्भुत कथा। (Picture Credit- AI Generated)

साईं बाबा का अद्भुत कथा। (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. दीवाली पर साईं बाबा ने पानी से जलाए दीपक।

  2. दुकानदारों ने बाबा को तेल देने से किया मना।

  3. चमत्कार ने सिखाया प्रेम और समानता का पाठ।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े त्‍योहारों की लिस्‍ट में दीवाली का त्‍योहार सबसे ऊपर आता है। इसे देश के सबसे बड़े त्‍योहारों में माना जाता है। इस त्‍योहार से केवल रोशनी, खुशियां ही नहीं जुड़ी हैं बल्कि इस त्‍योहार से आस्‍थाएं जुड़ी हुई हैं और कई सारी प्रचलित कथाएं भी इस त्‍योहार की गरिमा को बढ़ाती हैं। इन्‍हीं में से एक है शिरडी के साईं बाबा से जुड़ी कथा।

इस कथा को सुनकर हर भक्‍त का मन श्रद्धा से भर जाता है। एक लोकप्रिय कथा के मुताबिक एक बार साईं बाबा ने दीवाली वाले दिन तेल की जगह पानी से दीपक जलाकर अद्भुत चमत्कार किया था। इस घटना ने न केवल शिरडी के लोगों को हैरान कर दिया, बल्कि उन्हें सच्ची श्रद्धा और विश्वास का अर्थ भी समझाया। चलिए इस कथा के बारे में विस्तार से जानते हैं।

हर शाम दीपक जलाते थे साईं बाबा

कथानुसार, शिरडी में रहते हुए साईं बाबा हर शाम मस्जिद और आसपास के मंदिरों में मिट्टी के दीपक जलाया करते थे। उन्हें दीपक जलाना बहुत पसंद था। इसके लिए वह शिरडी के दुकानदारों से थोड़ा-थोड़ा तेल मांगकर लाते थे और फिर हर अंधेरे मंदिर-मस्जिद में दिए जला देते थे। दुकानदार भी शुरुआत में खुशी-खुशी उन्हें तेल दे दिया करते थे। धीरे-धीरे यह उनकी रोज की दिनचर्या बन गई। शाम होते ही बाबा दीपक जलाते और आस-पास के हर मंदिर-मस्जिद को रोशनी से जगमगा देते।

जब दुकानदारों ने तेल देने से कर दिया मना

एक दिन दीवाली के अवसर पर कुछ दुकानदार जो रोज ही बाबा को मुफ्त का तेल दे दिया करते थे, उन्होंने साईं बाबा को तेल देने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, नगर के जितने भी धनवान लोग थे, उन्‍हें सारा तेल बेच दिया। ऐसे में जब बाबा हमेशा की तरह दुकानों पर तेल मांगने पहुंचे, तो दुकानदारों ने कहा कि उनके पास तेल खत्म हो गया है। साथ ही गरीब घरों में भी दीवाली के दिन तेल न होने की वजह से दिए नहीं जल पाए।

लेकिन दीवाली जैसे त्‍योहार पर मस्जिद और मंदिर में दीपक न जले, ऐसा कैसे साईं बाबा होने देते। वहीं दूसरी तरफ गरीब घर के बच्‍चे भी साईं बाबा के पास रोते हुए अपना दुख सुनानो आ गए। बच्‍चों को रोता बिलखता देख साईं बाबा से नहीं रहा गया। फिर उन्‍होंने अपनी श्रीद्धा और पवित्र भावनाओं से ऐसा चमत्‍कार कर दिखाया जिसकी कोई कल्‍पना भी नहीं कर सकता था।

पानी से जल उठे दीपक, देखकर हैरान रह गए लोग

ऐसे में अपनी द्वारिका माई पहुंचकर साईं बाबा ने मिट्टी के दीपक उठाए और उनमें तेल की जगह रोते बिलख्‍ते गरीब बच्‍चों के आंसू भर दिए। इसके बाद उन्होंने दीपकों की बत्तियां जलाईं। लोक मान्‍यताओं के अनुसार वो सारे के सारे दीपक जल उठे और लोग बाबा का यह चमत्‍कार देखते ही रह गए।

यह अद्भुत दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। दीपकों की रोशनी पूरी रात मंदिरों और मस्जिदों में रोशनी फैलती रही। धीरे-धीरे इस चमत्कार की खबर पूरे शिरडी में फैल गई। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर पानी से दीपक कैसे जल सकते हैं।

दुकानदारों ने बाबा से मांगी माफी

जब दुकानदारों को इस घटना के बारे में पता चला, तो वे भी साईं बाबा के दर्शन करने पहुंच गए। उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने साईं बाबा से माफी मांगी। बाबा ने सभी को माफ कर दिया, लेकिन साथ ही एक जरूरी सीख भी दी। उन्होंने समझाया कि जीवन में किसी को बड़ा और छोटा नहीं समझना चाहिए। त्‍योहार सभी के लिए एक जैसे हों और सभी त्‍योहार पर खुश रहें, ऐसी कोशिश करनी चाहिए।

अत: इस दीवाली साईं बाबा की सीख को याद कीजिए। अपने हृदय में प्रेम, दया और विश्वास का दीप जलाइए। जरूरतमंदों की मदद करें और किसी के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बनिए।

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