Diwali 2019: दिवाली का त्योहार धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का दिन होता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास की अमावस्या को माता लक्ष्मी मध्य रात्रि में पृथ्वी पर भ्रमण करने के लिए निकलती हैं, जिनके घर स्वच्छ और दीपों से जगमग होते हैं, उनके घर वह जाती हैं। इस दिन पूजा में उनको प्रिय वस्तुओं को अर्पित किया जाता है, ताकि वे जल्द प्रसन्न हो सकें। जिनका घर स्वच्छ नहीं होता है, उनके अनुकूल नहीं होता है, उनके घर से माता लक्ष्मी नाराज होकर चली जाती हैं।

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र बताते हैं कि माता लक्ष्मी किन लोगों के घर जाती हैं और किन लोगों के घर से नाराज होकर चली जाती हैं।

ऐसे लोगों के घर जाती हैं माता लक्ष्मी

माता लक्ष्मी सौभाग्यशाली, निर्भीक, सच्चरित्र तथा कर्तव्य परायण, भक्त, कृतज्ञ, जितेन्द्रिय तथा सत्त्वसम्पन्न, सदाचरण करने वाले, धर्मज्ञ, गुरुजनों की सेवा करने वाले, मन को वश में रखने वाले, क्षमाशील और सामर्थ्य शाली लोगों के यहां जाती हैं।

माता लक्ष्मी को उन स्त्रियों का घर प्रिय होता है, जो क्षमाशील, जितेन्द्रिय, सत्य पर विश्वास रखने वाली, शीलवती, सौभाग्यवती, गुणवती, पतिपरायणा, सबका मंगल चाहने वाली तथा सद्गुणसम्पन्ना होती हैं।

ऐसे लोगों के घर नहीं जाती माता लक्ष्मी

माता लक्ष्मी अकर्मण्य, नास्तिक, कृतज्ञ, दुराचारी, क्रूर, चोर तथा गुरुजनों के दोष देखने वाला हो उनके घर निवास नहीं करती हैं। हर बात में नाराज होने वाले और दिखावा करने वालों के घर भी वह नहीं जाती हैं।

जो स्त्रियां अविवेकशील, पति से लड़ने वाली, दूसरे के घरों में ताक-झांक करने वाली, निर्लज्ज, पाप कर्म करने वाली, अधीर, झगड़ालू तथा हमेशा सोने वाली होती हैं, उनके घरों को छोड़कर माता लक्ष्मी चली जाती हैं।

यदि आपके अंदर ऐसे दुर्गुण हैं, तो आप चाहें कितना भी विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करो, वे आपके घर में वास नहीं करती हैं, न ही उनका आगमन होता है।

Posted By: kartikey.tiwari

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