Dhanteras 2026: सिर्फ खरीदारी काफी नहीं, आरोग्य और अटूट धन पाने के लिए जरूरी हैं ये 13 शुभ परंपराएं
धनतेरस के शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन सोना, चांदी, ...और पढ़ें

धनतेरस 2026 की जरूरी परंपराएं जो बेहद खास मानी जाती हैं
HighLights
मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का महत्व।
धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू, साबुत धनिया खरीदें।
यम और कुबेर दीपक जलाने से आरोग्य व समृद्धि मिलती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज देशभर में धनतेरस का शुभ त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाएगी। इस दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन और कई दूसरी नई चीजों को खरीदते हैं।
दीवाली से पहले आने वाली धनतेरस पर लोग अपने घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक धनतेरस पर 13 ऐसी मान्यताएं हैं जिन्हें करने से भगवान धन्वंतरि की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इन 13 शुभ परंपराओं के बारे में।
धनतेरस पर कुछ खरीदें या न खरीदें लेकिन इन तीन चीजों को जरूर खरीदें।
नई झाड़ू- घर की दरिद्रता को दूर करने में सहायक
साबुत नमक- घर की शुद्धि और सकारात्मक वातावरण के लिए जरूरी
साबुत धनिया- धन-धान्य में वृद्धि के लिए
सोना- स्थायी धन और संपन्नता का प्रतीक
चांदी- शुभता और समृद्धि का प्रतीक
नया बर्तन- अन्न- जल की बरकत का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के दिन नए बर्तनों को खाली न रखने की भी परंपरा है।

धनतेरस पर यम और कुबेर के दीपक का महत्व
धनतेरस के मौके पर यम और कुबेर का दीपक निकालने की परंपरा निभाई जाती है। यम दीपक परिवार की दीर्घायु और अकाल मृत्यु से रक्षा का प्रतीक माना जाता है, तो वहीं कुबेर दीपक धन-संचय और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
यम का दीपक आरोग्य और रक्षा के लिए जाना जाता है, तो वहीं दूसरा दीपक धन की बरकत का प्रतीक माना जाता है।
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का महत्व
धनतेरस के मौके पर अमृत कलश धारण करने वाले भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। परिवार के आरोग्य और लंबी आयु की कामना के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
ऊं नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः॥
धन आने के साथ टिका भी रहें इसके लिए धनतेरस पर भगवान कुबेर के साथ मां लक्ष्मी की पूजा जरूर करें। मां लक्ष्मी जहां धन-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं, वहीं भगवान कुबेर धन-संचय के लिए जाने जाते हैं।
धनतेरस पर तिजोरी और बही खातों की पूजा का लाभ
धनतेरस के मौके पर कई घरों में तिजोरी की पूजा के साथ नई बही खातों की भी पूजा की जाती है। दरअसल तिजोरी, बही-खाते और व्यापार से जुड़ी वस्तुएं धन और सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
धनतेरस के मौके पर लक्ष्मी चरण और अन्न-वस्त्र दान परंपरा का भी महत्व है। इस दिन मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में लक्ष्मी चरण बनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जो भी लोग धनतेरस पर जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करते हैं, उनके जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।
धनतेरस के मौके पर यह सभी परंपराएं अधिकतर घरों में आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है, जितनी की पहले निभाई जाती थी।
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