Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान जपें ये सिद्ध मंत्र, सभी संकटों से मिलेगी मुक्ति
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर लगेगा, जो भारत सहित कई देशों में दिखाई देगा। इस दौरान सूतक मान्य होगा।

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि यानी मंगलवार 03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने वाला है। यह भारत समेत विश्न के कई देशों में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान शुभ काम करने की मनाही होती है। इसके लिए चंद्र ग्रहण के दौरान शुभ काम न करें। साथ ही खानपान से भी परहेज करें।
ज्योतिषियों की मानें तो चंद्र ग्रहण के दौरान मायावी ग्रह का प्रभाव बढ़ जाता है। इसके लिए चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें। इन मंत्रों के जप से व्यक्ति विशेष को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
विष्णु मंत्र

1. ॐ नमोः नारायणाय॥
2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मन्त्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
3. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
4. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
5. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
6. दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।
7. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
8. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥
9. ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
10. ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
यह भी पढ़ें- Chandra Grahan 2026 Time: होलिका दहन के दिन कब से शुरू होगा चंद्र ग्रहण? इन उपायों से दूर करें अशुभ प्रभाव
यह भी पढ़ें- Holika Dahan 2026 Date: 2 या 3 मार्च, कब है होलिका दहन? जानें चंद्र ग्रहण का सूतक काल और जरूरी बातें
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
