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Chandra Grahan 2026 Time: होलिका दहन के दिन कब से शुरू होगा चंद्र ग्रहण? इन उपायों से दूर करें अशुभ प्रभाव

Published: Sun, 01 Mar 2026 11:30 AM (IST)

वैदिक पंचांग के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा, जिससे सूतक काल मान्य होगा।

चंद्र ग्रहण के उपाय (Image Source: AI-Generated)

चंद्र ग्रहण के उपाय (Image Source: AI-Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, होलिका दहन का पर्व 03 मार्च (Holika Dahan 2026) को मनाया जाएगा। इस बार होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसकी वजह से इसका सूतक काल मान्य होगा। इस दौरान सावधानी जरूर बरतनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 3 March 2026) के उपाय करने से अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कैसे दूर करें चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव।

होलिका दहन 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2026 Date and Shubh Muhurat)

होलिका दहन 03 मार्च को किया जाएगा। इस दिन होलिका दहन का मुहूर्त शाम 06 बजकर 22 मिनट (Grahan Kitne Baje Se Hai) से रात 08 बजकर 50 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय होलिका दहन किया जा सकता है।

कब से शुरू होगा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026 Timing)

03 मार्च को सूतक काल सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा। (Lunar Eclipse 2026 Sutak Time)
चंद्र ग्रहण की शुरुआत- दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर (Chandra Grahan 2026 Time Start And End)
पूर्ण चंद्र ग्रहण- शाम 05 बजकर 04 मिनट पर
चंद्र ग्रहण का समापन- शाम 06 बजकर 46 मिनट पर

Chandra Grahan 2026

(Image Source: AI-Generated)

जरूर करें ये उपाय

  • ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए। इस दौरान मन ही मन में चंद्र देव के मंत्रों का जप करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव दूर होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही मानसिक शांति मिलती है
  • चंद्र ग्रहण के खत्म होने बाद स्नान कर घर और मंदिर की साफ-सफाई करें। इसके बाद गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। दीपक जलाकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • चंद्र ग्रहण के बाद मंदिर या गरीब लोगों में चावल, चीनी, दूध, या सफेद वस्त्रों समेत आदि चीजों का दान जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से कुंडली में चंद्र मजबूत होता है और जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • सूतक और ग्रहण काल के समय गर्भवती महिलाएं घर से बाहर निकलने से बचें।
  • चाकू, कैंची, सुई जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें।
  • किसी वाद-विवाद न करें।
  • भोजन का सेवन न करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।