Chaiti Chhath 2026: इस दिन से शुरू हो रहा है आस्था का महापर्व चैती छठ, नहाय-खाय की डेट नोट कर लें!
चैती छठ (Chaiti Chhath 2026) महापर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो साल में दो बार मनाया जाता है।

Chaiti Chhath 2026: चैती छठ शुभ मुहूर्त। (Ai Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में छठ महापर्व (Chaiti Chhath 2026) का विशेष महत्व है। साल में दो बार सूर्य देव की उपासना का यह महापर्व मनाया जाता है। एक कार्तिक महीने और दूसरा चैत्र महीने में। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होने वाले इस पर्व को चैती छठ कहा जाता है। इस साल चैती छठ का आगाज कब होगा आइए इस आर्टिकल में जानते हैं।

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चैती छठ शुभ मुहूर्त (Chaiti Chhath 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, चार दिनों के महापर्व चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से होगी। वहीं, इसका समापन 25 मार्च को होगा।
जानें महापर्व की शुरुआत से लेकर पारण तक का पूरा शेड्यूल
- नहाय-खाय: महापर्व छठ की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जो 22 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन व्रती स्नान के बाद शुद्ध सात्विक भोजन कद्दू-भात का सेवन करते हैं।
- खरना: दूसरे दिन को खरना कहा जाता है, जो 23 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाया जाता है। इसके बाद से ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।
- संध्या अर्घ्य: तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, जो इस बार 24 मार्च को दिया जाएगा। इस दिन व्रती घाटों पर जाकर छठी मैया के गीत गाते हैं और सूप में फल-ठेकुआ सजाकर सूर्य देव की पूजा करते हैं।
- उषा अर्घ्य और पारण: चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ का समापन होता है, जो इस साल 25 मार्च को दिया जाएगा। अर्घ्य के बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करते हैं।
क्यों खास है चैती छठ? (Chaiti Chhath 2026 Significance)
चैती छठ मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैती छठ के दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और संतान की रक्षा होती है।
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