विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

1 मई को मनाई जाएगी वैशाख पूर्णिमा, सुख-शांति के लिए जरूर करें ये अचूक उपाय और दान

Published: Sat, 25 Apr 2026 06:30 PM (IST)

सनातन धर्म में हर माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को दान, स्नान और धर्म-कर्म से जुड़े कार्य करने के लिए सर्वोत्तम तिथि माना गया है।

पूर्णिमा पर सुख-शांति और समृद्धि के अचूक उपाय

पूर्णिमा पर सुख-शांति और समृद्धि के अचूक उपाय

HighLights

  1. पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान करना होता है शुभ

  2. वैशाख पूर्णिमा को कहा जाता है बुद्ध पूर्णिमा

  3. गौदान के समान पुण्यकारी है इस दिन दान करना

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख पूर्णिमा एक अत्यंत पवित्र तिथि है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। इसी तिथि पर महात्मा बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था, इसलिए यह तिथि हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में विशेष महत्व रखती है। आइए जानते हैं सुख-शांति और पुण्य प्राप्ति के लिए आपको वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या-क्या काम करने चाहिए।

शांति और शुद्धि के लिए जरूर करें ये काम

  • पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना आदि में स्नान करने का विशेष महत्व है। इससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है। अगर आपके लिए नदी में जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं, जो फयदायी होता है।
  • स्नान के बाद साफ-सुथरे सफेद खासकर सफेद रंग के कपड़े पहनें।
  • अपनी श्रद्धा के अनुसार, आप इस तिथि पर भगवान बुद्ध और भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं।
  • मन की शांति के लिए बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के वचनों का पाठ और 'शांतिपाठ' जरूर करें।
purnima AI
(Picture Credit- AI Generated)

गौदान के समान है इन चीजों का दान

  • वैशाख या बुद्ध पूर्णिमा पर दान-पुण्य करने के साथ-साथ गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन कराने का विशेष महत्व माना गया है।
  • वैशाख पूर्णिमा के दिन ठंडी चीजों का दान करना महापुण्यकारी माना गया है। ऐसे में आप पानी से भरा मिट्टी का घड़ा दान कर सकते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर यह दान करने से व्यक्ति को साक्षात 'गौदान' (गाय के दान) के समान पुण्य मिलता है। 
  • अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए आप पूर्णिमा के दिन किसी जरूरतमंद को पंखा, छाता, चप्पल, अन्न और रसीले फलों का दान जरूर करें।

पूर्णिमा की रात करें ये काम

पूर्णिमा की रात चंद्रमा को जल अर्पित करने से साधक को मानसिक शांति, शीतलता और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आप "ऊं एं क्लीं सोमाय नम:" मंत्र का जप कर सकते हैं। इसके साथ ही पूर्णिमा की रात को मुख्य द्वार पर दीपक भी जरूर जलाएं। इससे साधक को मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है, जिससे धन संबंधी समस्याओं दूर होती हैं।

Vaishakh Purnima ai

(Picture Credit- AI Generated)

भूलकर भी न करें ये काम

  • पूर्णिमा के दिन क्रोध या वाद-विवाद करने से बचें।
  • इस दिन पर बाल या नाखून न काटना भी अच्छा नहीं माना जाता।
  • पूर्णिमा तिथि पर मांसाहार व शराब के सेवन से परहेस करना चाहिए।
  • अगर आप पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, तो दिन के समय सोने से बचना चाहिए।

यह भी पढ़ें - बुद्ध पूर्णिमा को यूं ही नहीं कहा जाता 'तीन बार धन्य उत्सव', इस दिन हुए थे 3 महाचमत्कार

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।