भाद्रपद अमावस्या: पितरों की असीम कृपा पाने के लिए जरूर करें इन 3 चीजों का दान
भाद्रपद अमावस्या, जिसे पिठोरी अमावस्या भी कहते हैं, पूर्वजों का आशीर्वाद पाने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए अत्यंत ...और पढ़ें

भाद्रपद अमावस्या पर पितरों का मिलेगा आशीर्वाद (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
भाद्रपद अमावस्या पूर्वजों के आशीर्वाद और पितृ दोष मुक्ति के लिए शुभ।
काले तिल का दान राहु-केतु दोष और शनि साढ़ेसाती कम करता है।
अन्न और जूते-चप्पल दान से पितरों की कृपा बनी रहती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की अमावस्या पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। पिठोरी अमावस्या के नाम से प्रसिद्ध इस पावन तिथि पर पितृ तर्पण, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है।
भाद्रपद अमावस्या आज यानी 11 सितंबर को मनाई जा रही है और इस दिन जो व्यक्ति पूर्वजों के निमित्त तर्पण के साथ दान-पुण्य भी करता है उसके जीवन में पूर्वजों का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।
यही नहीं इस अमावस्या को पितृ दोषों से मुक्ति के लिए भी विशेष माना जाता है। धार्मिक रीति-रिवाजों से भरे इस दिन को हिंदू मानसिक शांति, पूर्वजों का आभार व्यक्त करने और कुछ नया शुरू करने के अवसर के रूप में भी देखा जाता है। आइए आपको बताते हैं इस दिन किन चीजों का दान जरूर करना चाहिए जिससे पूर्वजों की कृपा बनी रहे।
काले तिल का करें दान
अगर आप पूर्वजों की कृपा पाना चाहते हैं, तो आपको भाद्रपद अमावस्या के दिन मुख्य रूप से काले तिल का दान करना चाहिए। यह दान आपको पूर्वजों की कृपा पाने में मदद करेगा और आपको राहु-केतु के दोषों से मुक्ति भी मिलेगी।
यह दान मुख्य रूप से मकर और कुंभ राशि के लोगों को करना चाहिए, क्योंकि ये दोनों ही राशियां शनिदेव की हैं और काले तिल दान करने से आपके जीवन में होने वाले किसी भी बुरे प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है और यदि आप अमावस्या तिथि के दिन यह दान करते हैं तो साढ़ेसाती के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है।
अन्न का दान है शुभ
पिठोरी अमावस्या के दिन यदि आप जरूरतमंदों को अन्न का दान करेंगे तो यह आपके लिए बहुत शुभ हो सकता है। अन्न जैसे गेहूं, चावल, काली उड़द दाल के दान को अत्यंत शुभ माना जाता है और इस तरह के दान से पूर्वजों की कृपा बनी रहती है। इस तरह के दान से आपको किसी भी प्रकार के पितृ दोषों को दूर करने में मदद मिलती है। आप अन्न का दान किसी मंदिर में ब्राह्मण को भी कर सकते हैं।
जूते-चप्पलों का दान
किसी भी अमावस्या तिथि पर जूते-चप्पलों का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। मुख्य रूप से अगर आप भाद्रपद की पिठोरी अमावस्या के दिन किसी जरूरतमंद को जूते या चप्पल का दान करेंगी तो या आपके लिए अत्यंत फलदायी हो सकता है। अगर आपके घर में पितृ दोष की वजह से समस्याएं बनी रहती हैं, तो इस तरह का दान बहुत जरूरी होगा।
कोशिश करें कि आप दान में नए चप्पल या जूते ही दें। इस दिन यदि आप फटे-पुराने जूते दान में देते हैं तो आपके जीवन में इसका उल्टा असर हो सकता है और पूर्वज नाराज हो सकते हैं।
अगर आप भी भाद्रपद अमावस्या के दिन यहां बताई चीजों का दान करेंगे, तो आपके जीवन में पूर्वजों की कृपा बनी रहेगी।
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