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अनंत चतुर्दशी 2026: 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधने के बाद ये 3 गलतियां छीन सकती हैं घर की सुख-शांति

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:28 PM (IST)

अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ अनंत सूत्र बांधा जाता है। घर में सुख-शांति और भगवान की ...और पढ़ें

अनंत सूत्र बांधने के बाद न करें ये 3 गलतियां (Picture Credit: AI Generated)

अनंत सूत्र बांधने के बाद न करें ये 3 गलतियां (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. अनंत सूत्र को समय से पहले नहीं खोलना चाहिए।

  2. अनंत सूत्र बांधने के बाद तामसिक भोजन से बचें।

  3. घर में लड़ाई-झगड़े करने से सुख-शांति भंग होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अनंत चतुर्दशी के पर्व को भगवान विष्णु का पूजन करने के लिए खास माना जाता है। इस साल यह पर्व 25 सितंबर को मनाया जाएगा। इसी दिन गणपति विसर्जन भी किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है।

अनंत चतुर्दशी के दिन विष्णु जी का पूजन करने के साथ हाथ में अनंत सूत्र भी बांधा जाता है। इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं जो 14 लोकों का प्रतीक मानी जाती हैं। इस धागे को घर के लोगों के लिए एक रक्षा कवच माना जाता है और इसे धारण करने वाले के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

वहीं मान्यता यह भी है कि आपको अनंत सूत्र बांधने के बाद कुछ गलतियों से बचना चाहिए, जिससे सदैव भगवान विष्णु की कृपा बनी रहे और घर में सुख शांति आए। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में यहां-

अनंत सूत्र को समय से पहले खोलना

अनंत चतुर्दशी के दिन जो 14 गांठों वाला धागा बांधा जाता है उसे बांधने के साथ खोलने के भी कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।

इस धागे को कम से कम 14 दिनों तक बांधना जरूरी होता है और अगर आप इसे समय से पहले ही खोल देते हैं, तो इससे धागे का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इस धागे को वैसे तो एक साल तक बांधना जरूरी होता है और अगले साल अनंत चतुर्दशी के दिन ही यह धागा खोला जाता है। अगर आप इसे एक साल तक नहीं बांध पा रहे हैं, तो 14 दिनों तक जरूर पहनें।

तामसिक भोजन करना

ऐसी मान्यता है कि अगर आप अनंत सूत्र बांधने के बाद उसके नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको यह धागा नहीं बांधना चाहिए।

अगर आप यह धागा बांधते हैं, तो भूलकर भी तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। इससे आपको विष्णु जी की पूजा का फल नहीं मिलेगा और इस धागे का लाभ भी नहीं मिलेगा। आपको अनंत सूत्र बांधने के बाद हमेशा सात्विक भोजन ही करना चाहिए कर विशेष रूप से मांस और मदिरा से दूर रहना चाहिए। जिससे

घर में लड़ाई-झगड़े करना

अगर आप अनंत सूत्र बांधने के बाद घर में कलह-कलेश करते हैं, तो यह अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे आपको विष्णु जी की पूजा का फल भी नहीं मिलता है।

आपको कभी भी यह पवित्र धागा बांधने के बाद घर में लड़ाई-झगड़े या अशांति का माहौल नहीं बनाना चाहिए। इससे आपके जीवन में बुरे प्रभाव पड़ते हैं और किसी भी पूजा का फल नहीं मिलता है।

अगर आप भी हाथों में अनंत धागा बांध रहे हैं, तो यहां बताई गलतियों से बचना जरूरी है। ऐसा न करने पर आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है और इस धागे का लाभ भी नहीं मिलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।