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अक्षय तृतीया 2026: शनि की साढ़ेसाती और राहु दोष से मिलेगी मुक्ति, बस करें ये छोटे से दान

Published: Sun, 12 Apr 2026 01:00 PM (IST)

स्कंद और मत्स्य पुराण जैसे ग्रंथों के अनुसार पढ़ें उन अचूक और आसान दान के उपायों के बारे में जो ...और पढ़ें

अक्षय तृतीया पर करें इन चीजों का दान (Image Source: AI-Generated)

अक्षय तृतीया पर करें इन चीजों का दान (Image Source: AI-Generated)

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी के जीवन में कभी न कभी ऐसा समय आता है जब मेहनत के बावजूद काम बिगड़ने लगते हैं या मन में बिना वजह की बेचैनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इसके पीछे शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव हो सकता है।

लेकिन, साल में अक्षय तृतीया का एक ऐसा दिन आता है, जब किया गया छोटा सा पुण्य भी आपके बड़े से बड़े कष्ट को कम कर सकता है।

क्यों खास है अक्षय तृतीया?

सनातन धर्म में 'अक्षय' का अर्थ है जिसका कभी 'क्षय' यानी नाश न हो। पौराणिक कथाओं और शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन आप जो भी दान या सत्कर्म करते हैं, उसका फल आपको कई जन्मों तक मिलता रहता है। साल 2026 में अक्षय तृतीया पर ग्रहों का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इन उपायों के लिए विशेष है:

अगर आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो इन चीजों का दान करना आपके लिए वरदान साबित हो सकता है:

  • काले तिल और तेल: शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन काले तिल और सरसों के तेल का दान करने से शनि की पीड़ा कम होती है।
  • लोहे की वस्तु: घर के लिए लोहे का तवा, कड़ाही या कोई भी लोहे का बर्तन किसी जरूरतमंद को देना बहुत शुभ होता है।
  • छाता और चप्पल: चूँकि यह गर्मी का समय होता है, इसलिए किसी निर्धन को जूते-चप्पल या छाता दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
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(Image Source: AI-Generated)

राहु-केतु दोष से शांति के उपाय:

राहु को भ्रम और अचानक आने वाली मानसिक परेशानियों का कारक माना जाता है। इससे बचने के लिए ये दान करें:

  • जौ (Barley) का दान: शास्त्रों में जौ को 'स्वर्ण' के समान माना गया है। अक्षय तृतीया पर जौ का दान करने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।
  • नारियल: किसी मंदिर में नारियल अर्पित करना या किसी गरीब को देना मानसिक शांति प्रदान करता है।
  • पंछियों को दाना: सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) पक्षियों को खिलाने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं।
  • जल दान: सबसे बड़ा पुण्य
  • मिट्टी का घड़ा: इस पावन तिथि पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (मटका) दान करना सबसे उत्तम माना गया है। यह न केवल प्यासे की प्यास बुझाता है, बल्कि आपके पितृ दोष को भी खत्म करता है।

शास्त्रों के नियम

अक्षय तृतीया के महत्व और दान की यह जानकारी भविष्य पुराण, स्कंद पुराण और मत्स्य पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। साथ ही, पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं और विद्वानों के सुझावों में इन उपायों को कष्ट निवारण के लिए अचूक बताया गया है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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