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आज का पंचांग: आश्विन कृष्ण द्वादशी, मघा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग; नोट करें राहुकाल-अमृत काल की टाइमिंग

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:00 AM (IST)

आश्विन कृष्ण द्वादशी, संवत् 2083 का संपूर्ण पंचांग। यहां देखें आज का सूर्योदय-सूर्यास्त समय, मघा नक्षत्र, अमृत काल, राहुकाल और चंद्र-सूर्य की राशि स्थिति।

Aaj ka Panchang: आश्विन कृष्ण द्वादशी का शुभ मुहूर्त

Aaj ka Panchang: आश्विन कृष्ण द्वादशी का शुभ मुहूर्त

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि और बुधवार का दिन है। आज रात द्वादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा। चंद्रदेव आज सिंह राशि और मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। अगर आप आज कोई शुभ या नया कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो शाम 7 बजे के बाद से रात 8 बजे तक रहने वाला अमृत काल इसके लिए उत्तम रहेगा।

वहीं, दोपहर 12 बजे के बाद से दोपहर 1 बजे के बाद तक राहुकाल रहेगा, जिस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। बुधवार के दिन सूर्य देव कन्या राशि और चन्द्र देव कर्क राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 07 October 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: कृष्ण द्वादशी
मास: आश्विन
दिन: बुधवार
संवत्: 2083

तिथि: कृष्ण पक्ष की द्वादशी – रात्रि 11:16 बजे तक, फिर त्रयोदशी तिथि
योग: शुभ – अगले दिन तड़के 02:52 बजे (08 अक्टूबर) तक, फिर शुक्ल
करण: कौलव – दोपहर 11:53 बजे तक
करण: तैतिल – रात्रि 11:16 बजे तक, फिर गर

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:17 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:00 बजे
चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि बाद 03:54 बजे (08 अक्टूबर)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 03:57 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: सिंह राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: सायं 07:20 बजे से रात्रि 08:53 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:09 बजे से दोपहर 01:37 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 10:41 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 07:45 बजे से प्रातः 09:13 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

मघा नक्षत्र: रात्रि 09:40 बजे तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी: केतु
राशि स्वामी: सूर्यदेव
देवता: पितर (पूर्वज)
प्रतीक: शाही सिंहासन
सामान्य विशेषताएं: अधिकारप्रिय, उदार, साहसी, मेहनती, विलासिता प्रेमी, कामुक, कभी-कभी क्रोधी और भावुक।

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