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पंचांग 30 सितंबर 2026: आज है आश्विन कृष्ण चतुर्थी, चंद्रदेव करेंगे नक्षत्र परिवर्तन; जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

Published: Wed, 30 Sep 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

आज का पंचांग पढ़ें और जानें आश्विन कृष्ण चतुर्थी की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय ...और पढ़ें

30 सितंबर 2026 का पंचांग। (Picture Credit- AI Generated)

30 सितंबर 2026 का पंचांग। (Picture Credit- AI Generated)

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज बुधवार का दिन है और चंद्रमा की स्थिति में भी बदलाव देखने को मिलेगा। दिन की शुरुआत मेष राशि में चंद्रमा के साथ होगी और दोपहर बाद चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। सुबह भरणी नक्षत्र के बाद कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्यदेव हैं और इसके देवता अग्निदेव माने गए हैं। आज वज्र योग रहेगा, जबकि दिन के कुछ समय में राहुकाल, गुलिकाल और यमगण्ड भी रहेगा। ऐसे में शुभ कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा। इस पंचांग में आपको तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

तिथि: कृष्ण चतुर्थी

मास: आश्विन

दिन: बुधवार

संवत्: 2083

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी – दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक, फिर पंचमी तिथि

योग: वज्र – मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 20 मिनट (1 अक्टूबर) तक, फिर सिद्धि

करण: बालव – दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक

करण: कौलव – अगले दिन तड़के 1 बजकर 45 मिनट (1 अक्टूबर) तक, फिर तैतिल

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 6 बजकर 13 मिनट

सूर्यास्त का समय: सायं 6 बजकर 8 मिनट

चंद्रोदय का समय: रात्रि 8 बजकर 30 मिनट

चंद्रास्त का समय: अगले दिन प्रातः 9 बजकर 48 मिनट (1 अक्टूबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में (दोपहर 1 बजकर 13 मिनट तक), फिर वृषभ राशि में प्रवेश

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं

अमृत काल: अगले दिन तड़के 3 बजकर 48 मिनट से प्रातः 5 बजकर 17 मिनट (1 अक्टूबर) तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक

गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक

यमगण्ड: प्रातः 7 बजकर 43 मिनट से प्रातः 9 बजकर 12 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव भरणी नक्षत्र में (प्रातः 7 बजकर 36 मिनट तक) और तत्पश्चात कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

कृत्तिका नक्षत्र: प्रातः 7 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन तड़के 6 बजकर 2 मिनट (1 अक्टूबर) तक

नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव

राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव

देवता: अग्निदेव

प्रतीक: भाला या अस्त्र

सामान्य विशेषताएं: तेज बुद्धि, स्वाभिमानी, धार्मिक, परंपरावादी, क्रोधी, निडर, ऊर्जावान, प्रसिद्ध, विलासी, सामाजिक रूप से प्रभावशाली, कभी-कभी कठोर।

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यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।