आज का पंचांग 26 अक्टूबर: आश्विन पूर्णिमा और कार्तिक प्रतिपदा का संयोग, पढ़ें शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
आज 26 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा सुबह 9:41 बजे तक रहेगी, जिसके बाद कार्तिक प्रतिपदा शुरू होगी। यह दिन शुभ ...और पढ़ें

26 अक्टूबर का पंचांग: आश्विन पूर्णिमा और कार्तिक प्रतिपदा शुभ संयोग (Picture Credit: AI Generated)
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि प्रातः 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी। इस संयोग को आज के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
पंचांग के अनुसार, आज चंद्रदेव मेष राशि में विराजमान रहेंगे और अश्विनी नक्षत्र शाम 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा। दिन में अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल जैसे शुभ समय भी रहेंगे। जिसमें आप कोई भी पूजा कर सकते हैं। आज चंद्रोदय का समय भी जान लेना आपके लिए जरूरी है क्योंकि पूर्णिमा तिथि का प्रभाव आज के चंद्रमा में भी दिखाई देगा। आइए यहां जानते हैं 26 अक्टूबर का संपूर्ण पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण मुहूर्त।
तिथि: शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा – प्रात: 09 बजकर 41 मिनट, फिर प्रतिपदा तिथि (शरद पूर्णिमा)
योग: वज्र – दोपहर 02 बजकर 17 मिनट तक, फिर सिद्धि
करण: बव – प्रात: 09 बजकर 41 मिनट तक
करण: बालव – रात्रि 08 बजकर 23 मिनट तक, फिर कौलव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 29 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 41 मिनट
चंद्रोदय का समय: सायं 05 बजकर 39 मिनट
चंद्रास्त का समय: कोई चंद्रास्त नहीं
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: तुला राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
अमृत काल: प्रातः 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 07 बजकर 53 मिनट से प्रातः 09 बजकर 17 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 01 बजकर 29 मिनट से दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अश्विनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
अश्विनी नक्षत्र: सायं 05 बजकर 41 मिनट तक, फिर भरणी
नक्षत्र स्वामी: केतु
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: अश्विनी कुमार (देवताओं के चिकित्सक)
प्रतीक: घोड़े का सिर
सामान्य विशेषताएं: आकर्षक, सुंदर, आभूषण-प्रेमी, तेज बुद्धि, शांत, साहसी, बलवान, स्वस्थ, फुर्तीला, आत्मविश्वासी, खेल-प्रेमी, आक्रामक, क्रोधी।
आश्विन पूर्णिमा 2026
चंद्रोदय समय: 26 अक्टूबर, शाम 05 बजकर 39 मिनट
आश्विन पूर्णिमा उपवास: 25 अक्टूबर, रविवार
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 25 अक्टूबर, प्रातः 11 बजकर 55 मिनट
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 26 अक्टूबर, प्रातः 09 बजकर 41 मिनट पर
हिंदू पंचांग के अनुसार सभी पूर्णिमा तिथियों को अत्यंत शुभ माना गया है। आश्विन पूर्णिमा वर्ष की सातवीं पूर्णिमा है, जो पितृ पक्ष और शारदीय नवरात्रि के ठीक बाद शरद ऋतु में आती है। स्कंद पुराण के अनुसार, इस विशेष दिन पर चंद्रदेव अपनी पूरी सोलह कलाओं के साथ चमकते हैं।
यही कारण है कि इस रात्रि दूध और चावल से बनी खीर को चंद्रमा की किरणों में रखा जाता है, ताकि उसमें औषधीय गुण समाहित हो सकें। इसके पश्चात इस पावन खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। यह पर्व जीवन में शीतलता, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का सुंदर संकेत देता है।
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