विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

युधिष्ठिर की दूसरी पत्नी से लेकर कर्ण के शूरवीर पुत्र तक: महाभारत के 7 अनसुने किरदार जिन्हें हम अक्सर भूल जाते हैं

Published: Sat, 18 Jul 2026 10:14 AM (IST)

महाभारत, दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य, कई ऐसे योद्धाओं और शासकों की कहानियों को समेटे हुए है जिनके योगदान को अक्सर भुला दिया जाता है।

महाभारत युद्ध के वो पात्र जिन्हें अक्सर भूला दिया जाता है (Picture Credits- AI Image)

महाभारत युद्ध के वो पात्र जिन्हें अक्सर भूला दिया जाता है (Picture Credits- AI Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के दो सबसे प्रमुख महाकाव्य महाभारत और रामायण है। इनमें महाभारत को दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य माना जाता है। महाभारत सिर्फ कृष्ण, अर्जुन, कर्ण और दुर्योधन की कहानियों से कहीं ज्यादा प्रसांगिक है। इस महाकाव्य में अनगिनत ऐसे योद्धा, नायक और शासक छिपे हुए हैं, जिन्हें अक्सर भुला दिया जाता है, लेकिन जिनके फैसलों ने राज्यों की किस्मत तय की।

भले ही इन किरदारों की बात नहीं की जाती हो, लेकिन इस महाकाव्य की विशाल कहानी में उनकी भूमिका, साहस, त्याग और बुद्धिमानी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। आइए जानते हैं महाभारत के उन किरदारों के बारे में जिनके बारे में लोग कम बात करते हैं।

देविका (Devki)

पांडव पुत्र युधिष्ठिर की पहली पत्नी द्रौपदी थीं, लेकिन द्रौपदी के अलावा भी उनकी दूसरी पत्नी थीं, जिनका नाम देविका था। वह सिवि राज्य के राजा गोवासन की बेटी थीं और उन्होंने स्वयंवर के माध्यम से युधिष्ठिर को वर के रूप में चुना था।

दोनों को एक बेटा भी था, जिसका नाम यौधेय था। हालांकि महाभारत महाकाव्य में उनकी भूमिका पर अधिक प्रकाश नहीं डाला गया है।

श्रुतकर्मा (Shrutakarma)

श्रुतकर्मा, द्रौपदी और पांडव भाइयों के पांच पुत्रों उपपांडवों में सबसे छोटा था। वह द्रौपदी और अर्जुन का बेटा था। अपने पिता की ही तरह श्रुतकर्मा भी काफी कुशल तीरंदाज था, जिसने कुरुक्षेत्र की युद्ध में बहादुरी से युद्ध लड़ा था। हालांकि रणभूमि में वह और उसके भाई अश्वत्थामा के हाथों वीर गति को प्राप्त हुए थे।

सोमदत्त (Somadatta)

महाभारत महाकाव्य में सोमदत्ता कुरु बुजुर्ग और भूरिश्रवा के पिता थे, जो एक कुशल योद्धा और कौरवों के एक महत्वपूर्ण सहयोगी थे। अपने रुतबे के बावजूद वह अक्सर अधिक मशहूर योद्धाओं के सामने कमजोर पड़ जाते हैं। उनके परिवार ने महाभारत युद्ध में अहम भूमिका अदा की थी।

यह भी पढ़ें- सिर्फ सुदामा और अर्जुन ही नहीं! कृष्ण जी के 'क्लोज फ्रेंड ग्रुप' में शामिल थे ये 10 नाम

बभ्रुवाहन (Babruvahan)

बभ्रुवाहन मणिपुर राज्य की राजकुमारी चित्रांगदा और अर्जुन के बेटे हैं। वह अपनी मां और नाना के यहां पले-बढ़े बाद में मणिपुर राज्य के राजा बने। उन्होंने खुद अर्जुन को युद्ध में हराया था। उनकी कहानी काफी दिलचस्प है, फिर भी काफी हद तक लोग इनके बारे में कम बात करते हैं।

वृषसेन (Vrishasena)

वृषसेन कर्ण का सबसे बहादुर और योग्य पुत्र था। कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरा वह एक जबरदस्त कौरव की सेना का महारथी था और अपनी कुशल तीरंदाजी के लिए जाना जाता था। युद्ध के 17वें दिन अर्जुन के हाथों से मारे जाने से पहले उसने अपने से बड़े पांडव योद्धाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

Forgotten characters of Mahabharata war

देवक (Devak)

देवकी के पिता और यादव परिवार के सदस्य हालांकि महाभारत की कहानी में उनकी प्रमुख भूमिका देखने को नहीं मिलती है, लेकिन श्रीकृष्ण से जुड़े परिवार के बड़े इतिहास में उनकी खास भूमिका है।

मलयध्वज पांड्य (Malayadhvaja Pandya)

मलयध्वज पांड्य एक ताकतवर दक्षिणी शासक जिसने पांडवों की ओर से युद्ध भूमि में हिस्सा लिया था। वह अपनी बहादुरी और युद्ध कौशल के लिए जाना जाता था। पुरानी किताबों में युद्ध के दौरान उसके योगदान की तारीफ की गई है। लेकिन महाभारत की बात की जाती है, तो मलयध्वज पांड्य को अक्सर भूला दिया जाता है।

यह भी पढ़ें- शिव से लेकर सूर्य देव तक: महाभारत में देवताओं ने अर्जुन को सौंपे थे ये महाविनाशकारी अस्त्र

यह भी पढ़ें- 'धनंजय' से लेकर 'सव्यसाची' तक: महायोद्धा अर्जुन के 10 अद्भुत नाम और उनके गहरे अर्थ

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।