इन देवों की होती है पूजा 

दीपावली पर मुख्य रूप से चार देवों की पूजा होती है। इन में सर्वप्रथम श्री गणेश की फिर संपत्ति की देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर आैर इंद्र की पूजा होती है।  इन सभी की पूजा के अलग अलग मंत्र भी होते हैं। दीपावली का पर्व धन, संपदा आैर सुख समृद्घि के लिए मनाया जाता है। इन सभी देवों से इनकी प्राप्ति का आर्शिवाद प्राप्त होता है इसीलिए इस दिन इनकी पूजा का महातम्य बताया गया है। इसके साथ ही दीवाली एक सामाजिक उत्सव भी है, इसमें आपसी सौहार्द आैर बुरार्इ पर अच्छार्इ की जीत का संदेश भी निहित होता है। इस त्योहार पर र आैर बाहर स्वच्छता का संदेश भी छिपा होता है। 

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हर देवता का है अलग मंत्र 

दीपावली की पूजा में क्रमवार गणेश, लक्ष्मी, कुबेर आैर इंद्र की पूजा की जाती है आैर उसी क्रम में उनके मंत्रों का भी जाप किया जाता है। आइये जाने किस देव के लिए है कोन् सा मंत्र सर्वप्रथम 'गणेश जी' के लिए इस वंदना मंत्र का जाप करें। 'वन्‍दहुं विनायक, विधि-विधायक, ऋद्धि-सिद्धि प्रदायकम्। गजकर्ण, लम्बोदर, गजानन, वक्रतुण्ड, सुनायकम्॥ श्री एकदन्त, विकट, उमासुत, भालचन्द्र भजामिहम। विघ्नेश, सुख-लाभेश, गणपति, श्री गणेश नमामिहम॥' इसके बाद 'लक्ष्मी'की पूजा में इस मंत्र से पूजन करेंं, 'नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।' इसके बाद 'कुबेर' का पूजन इस प्रकार करें, 'धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च। भवन्त त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादि सम्पद:।।' सबसे अंत में 'इन्द्र देव' से प्रार्थना करें, उनका मंत्र इस प्रकार है 'ऐरावतसमारूढो वज्रहस्तो महाबल:। शतयज्ञाधिपो देवस्तस्मा इन्द्राय ते नम:।।'

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Posted By: Molly Seth