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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इन उपाय को करने से होगी सुख और सौभाग्य की प्राप्ति

By Preeti jhaEdited By:
Published: Tue, 16 Feb 2016 03:57 PM (IST)Updated: Wed, 17 Feb 2016 10:21 AM (IST)

सबसे पहला उपाय बताया गया है भगवान विष्णु की पूजा करना। भगवान विष्णु परमात्मा के तीन स्वरूपों में से एक ...और पढ़ें

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हमारे शास्त्रों में सुखी और श्रेष्ठ जीवन के लिए बहुत से उपाय बताये गये है जिनसे सुख शांति के साथ धन प्राप्ति और सौभाग्य भी मिलता है तथा हर एक प्रकार की बुरी बालाएं और बाधाएं दूर होती है l हमारे शास्त्रों में एक श्लोक का उल्लेख है

विष्णुरेकादशी गीता तुलसी विप्रधेनव:।

असारे दुर्गसंसारे षट्पदी मुक्तिदायिनी।।

सबसे पहला उपाय बताया गया है भगवान विष्णु की पूजा करना। भगवान विष्णु परमात्मा के तीन स्वरूपों में से एक इस जगत के पालक माने गए हैं। श्रीहरि ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और शांति के स्वामी हैं। विष्णु अवतारों की पूजा करने पर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष, सब कुछ प्राप्त हो सकता है।

इस श्लोक में दूसरा उपाय बताया गया है एकादशी व्रत करना। ये व्रत भगवान विष्णु के लिए ही किया जाता है। हिन्दी पंचांग के अनुसार, हर माह में 2 एकादशियां आती हैं। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। दोनों ही पक्षों की एकादशी पर व्रत करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। आज भी जो लोग सही विधि और नियमों का पालन करते हुए एकादशी व्रत करते हैं, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

तीसरा उपाय बताया गया है भगवत गीता के पाठ का l मान्यता है कि श्रीमद् भागवत गीता भगवान श्रीकृष्ण का ही ज्ञानस्वरूप है। जो लोग नियमित रूप से गीता का या गीता के श्लोकों का पाठ करते हैं, वे भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं। गीता पाठ के साथ ही इस ग्रंथ में दी गई शिक्षाओं का पालन भी दैनिक जीवन में करना चाहिए। जो भी शुभ काम करें, भगवान का ध्यान करते हुए करें, सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

चौथा उपाय है घर में तुलसी की देखभाल करना और पूजा करना l घर में तुलसी होना शुभ और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, ये बात विज्ञान भी मान चुका है। तुलसी की महक से वातावरण के सूक्ष्म हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। घर के आसपास की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही, तुलसी की देखभाल करने और पूजा करने से देवी लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

पांचवां उपाय बताया गया है ब्राह्मण, ज्ञानी और वृद्ध की सेवा करने का l पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्राह्मण, ज्ञानी और वृद्ध सदैव आदरणीय हैं। जो लोग इनका अपमान करते हैं, वे जीवन में दुख प्राप्त करते हैं। ब्राह्मण ही भगवान और भक्त के बीच की अहम कड़ी है। ब्राह्मण ही सही विधि से पूजन आदि कर्म करवाते हैं। शास्त्रों में बताई गई ज्ञान की बातें बताते हैं। दुखों को दूर करने और सुखी जीवन प्राप्त करने के उपाय बताते हैं। इसीलिए इनका सम्मान करना चाहिए।